कटिहार /बालमुकुन्द यादव
सीमांचल दौरे पर आए हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी द्वारा शेरशाहबादी मुस्लिम पर दिए बयान से राजनीति गर्म हो गई है।कटिहार हम पार्टी के पूर्व नेता आरफीन बहार ने पूर्व मुख्यमंत्री के बयान पर पलटवार करते हुए सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। आरफीन बहार ने कहा कि भाजपा सीमांचल में हिंदू-मुस्लिम को लड़ाने और सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने में नाकाम रही है, इसलिए अब भाजपा जीतनराम माँझी का सहारा लेकर दलित और शेरशाहबादी मुस्लिम को लड़ाने की कोशिश शुरू कर दी है। आपको बता दें कि सीमांचल दौरे पर आए जीतन राम मांझी ने किशनगंज में बयान दिया था कि शेरशाहबादी समुदाय बिहार सरकार की जमीन पर कब्जा किए हुए हैं। उन्होंने कहा था कि शेरशाहबादी लोग यहां पर बाहर से आकर बसे हैं
और जिस जमीन पर दलितों का कब्ज़ा होना चाहिए, उस जमीन पर शेरशाहबादी समुदाय कब्जा किए हुए हुए हैं।बीजेपी पर निशाना साधते हुए आरफीन बहार ने कहा कि बिहार में जब से बीजेपी सत्ता से दूर हुई है, तब से बीजेपी की बौखलाहट सामने आ रही है। उन्होंने कहा कि जीतन राम मांझी सूबे का मुख्यमंत्री रहे हैं, उनको बिहार की जाति और समाज का ज्ञान तक नहीं है। जान-बूझकर शेरशाहबादी समाज को बाहरी कहना और पूरी जाति पर दलित समाज की जमीन हड़पने का इल्जाम लगाना, ये सिर्फ एक समाज को अपमानित करने का काम ही नहीं, बल्कि भाईचारा वाले समाज को आपस में लड़ाने का बड़ा षड्यंत्र किया जा रहा है। इस तरह की नफरत फैलाने वाली बयानबाज़ी सीमांचल में चलने वाली नहीं है
ऐसे बयानों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।जब से जीतनराम मांझी भाजपा के साथ गठबंधन में गए हैं, उनके सुर बदल गए हैं। मैं भाजपा और माँझी जी से कहना चाहता हूँ कि सीमांचल का इलाक़ा मेहनतकश और पसमांदा इलाकों में शुमार है। यहाँ के लोग अमनपसंद हैं और आपसी भाईचारे के साथ रहते है, इसलिए यहां नफरत का बीज बो कर लड़ाने की कोशिश ना करें।आरफीन बहार ने कहा कि जीतनराम मांझी ने शेरशाहबादी समाज को बाहरी कहा है और पूरे समाज पर दलितों की जमीन हड़पने का बेबुनियाद इल्जाम लगाया है। या तो वह इसको साबित करें या फिर पूरे सीमांचल के लोगों से सार्वजनिक तौर पर माफी मांगें।



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