Top News

रमेश चंद्र मिश्रा बने नोबा जीएसआर के अध्यक्ष नागेंद्र नाथ सिन्हा उपाध्यक्ष

 


पूर्णियाँ/सिटीहलचल न्यूज़

नेतरहाट आवासीय विद्यालय के पूर्ववर्ती छात्रों की एक प्रमुख गैर-लाभकारी संस्था नोबा जीएसआर (NOBA GSR) जो महिलाओं को सशक्त बनाने और मासिक धर्म स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है, खुशी के साथ नयी कार्यपालिका टीम की घोषणा करता है । 1 August 2023 से प्रभावी होकर, श्री रमेश चंद्र मिश्रा नोबा जीएसआर के प्रधान (अध्यक्ष) का पदभार निभाएंगे, और श्री नागेंद्र नाथ सिन्हा नोबा जीएसआर के उपाध्यक्ष (वाइस प्रेसिडेंट) के तौर पर टीम को दिशा निर्देश देंगे । वहीं डॉ अम्बुज कुमार,  (डायरेक्टर एवं हेड ऑफ़ डिपार्टमेंट न्यूरोसर्जरी, पारस अस्पताल) सचिव के रूप में इस संस्था में अपना योगदान देंगे ! कोषाध्यक्ष की भूमिका श्री अक्षय कुमार निभाएंगे  !



शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी पंक्ति में कार्यरत श्री रमेश चंद्र मिश्रा ( 64 Batch , नेतरहाट आवासीय विद्यालय ) अब NOBA GSR के नए प्रधान के रूप में, भारत के ग्रामीण समुदायों में महिलाओं को सशक्त बनाने और मासिक धर्म आधारित स्वच्छता संसाधनों, शिक्षा और जागरूकता की पहुंच को सुनिश्चित करने के लिए संगठन का नेतृत्व करेंगे। नोबा जीएसआर ने पिछले एक साल में बिहार और झारखण्ड में बहुत सशक्त एवं प्रभावी रूप से काम किया है , महज 365 दिनों में 575 विद्यालओं में सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन लगवाना एवं बच्चियों के लिए सैनिटरी पैड सहज तरीके से मुहैया करवाना अपने आप में एक मिसाल है ! आने वाले दिनों में सरकारी संस्थाओं एवं सहयोगियों के साथ अपने राज्य में इस कार्य को गति देना हमारा मुख्य उद्देश्य रहेगा ! “रमेश चंद्र मिश्रा ने कहा। 



"नेतरहाट आवासीय विद्यालय के पूर्ववर्ती छात्र (74 batch, Netarhat) होने के नाते हमारे सामाजिक एवं वैश्विक दायित्व का निर्वाह कर रहे छात्र संगठन नोबा जीएसआर का हिस्सा बनना मेरे लिए सौभाग्य की बात है, यह एक ऐसा संगठन है जो महिलाओं और लड़कियों के जीवन पर महत्वपूर्ण प्रभाव डाल रहा है। मैं जरूरतमंद लोगों के लिए सकारात्मक बदलाव लाने के लिए हमारी टीम और सहयोगियों के साथ भागीदारी करने के लिए उत्सुक हूं, “नागेंद्र नाथ सिन्हा ने कहा।

आज भी समाज माहवारी को गन्दा समझता है और कई तरह की भ्रांतियों को मानता है। इन भ्रांतियों के कारण किशोरियों और महिलाओं को काफी समस्यायों का सामना भी करना पड़ता है ..इन्ही सब भ्रांतियों और माहवारी पर चुप्पी को तोड़ने के उद्देश्य से "नोबा जीएसआर" संस्था अपने "संगिनी" संकल्प के तहत बिहार झारखण्ड में काफी अच्छा काम कर रही है , सचिव के रूप में जुड़कर मैं भी जागरूकता अभियान एवं अलग माध्यमों से इस कार्य में गति लाने के लिए दृढ़प्रतिज्ञ हूँ - डॉ अम्बुज ने कहा !



नेतरहाट विद्यालय के पूर्ववर्ती छात्र संगठन अपने संकल्प "संगिनी" के तहत 2030 तक मासिक धर्म को जीवन का एक सामान्य तथ्य बनाना’, जिसका उद्देश्य एक व्यापक लक्ष्य 2030 तक एक ऐसी दुनिया का निर्माण करना जहां मासिक धर्म के कारण कोई भी पीछे न रहे, को प्राप्त करने में योगदान देना है. कोषाध्यक्ष अक्षय कुमार ने बताया की संगठन को मजबूत करने में अपना पूरा सहयोग दूंगा !

Post a Comment

Previous Post Next Post