मुरलीगंज नगर पंचायत के वार्ड संख्या 12 में प्रस्तावित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) एवं फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट (एफएसटीपी) के निर्माण स्थल को बदलने की मांग तेज हो गई है। रविवार को शहर के आदर्श मध्य विद्यालय परिसर में आयोजित सामाजिक बैठक में स्थानीय ग्रामीणों ने संभावित दुर्गंध, भूमिगत जल प्रदूषण, मच्छरों के प्रकोप और जनस्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभावों को लेकर चिंता जताई। लोगों ने निर्माण शुरू होने से पहले स्थल का पुनर्मूल्यांकन कराने और वैकल्पिक जगह तलाशने की मांग की।
बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन के लिए ऐसे संयंत्र जरूरी हैं, लेकिन स्थल का चयन आसपास की आबादी और पर्यावरण को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, प्रस्तावित स्थल से महज 100 से 150 मीटर की दूरी पर रिहायशी मकान हैं। वहीं, करीब 100 मीटर के दायरे में दो विद्यालय, मंदिर, होटल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी स्थित हैं।
लोगों ने आशंका जताई कि संयंत्र के संचालन के दौरान दुर्गंध और स्लज ढोने वाले वाहनों की आवाजाही से विद्यार्थियों, स्थानीय निवासियों, श्रद्धालुओं और कारोबारियों को परेशानी हो सकती है।
**बाढ़ और जल निकासी पर भी उठे सवाल**
बैठक में क्षेत्र की बाढ़ की समस्या को भी प्रमुखता से उठाया गया। ग्रामीणों का कहना था कि यहां हर वर्ष करीब तीन फीट तक पानी जमा हो जाता है। ऐसे में संयंत्र के संचालन, रखरखाव और जल निकासी की व्यवस्था पर गंभीरता से विचार करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्थल की उपयुक्तता और पर्यावरण एवं जनस्वास्थ्य पर पड़ने वाले संभावित प्रभावों की तकनीकी जांच निर्माण से पहले कराई जानी चाहिए।
**निर्माण का विरोध नहीं, स्थल चयन पर आपत्ति**
स्थानीय लोगों ने स्पष्ट किया कि उन्हें स्वच्छता योजना या संयंत्र के निर्माण से आपत्ति नहीं है, बल्कि उनकी चिंता प्रस्तावित स्थल के चयन को लेकर है। उन्होंने नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी और जिलाधिकारी से मांग की कि स्थल का दोबारा आकलन कराया जाए। रिहायशी मकानों, विद्यालयों, धार्मिक स्थलों और बाढ़ की स्थिति को ध्यान में रखते हुए किसी उपयुक्त वैकल्पिक स्थल पर विचार किया जाए।
बैठक में वार्ड 12 के पार्षद, स्थानीय शिक्षक, सामाजिक कार्यकर्ता, किसान, व्यवसायी सहित दर्जनों महिला-पुरुष मौजूद रहे।
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