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भोला पासवान शास्त्री को भारत रत्न देने की मांग, 21 सितंबर को जुटेंगे हजारों कांग्रेसी

पटना/सिटी हलचल न्यूज़ 

पूर्व मुख्यमंत्री भोला पासवान शास्त्री की जयंती के अवसर पर 21 सितंबर को बिहार प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश कार्यालय सदाकत आश्रम में विशेष समारोह का आयोजन किया जाएगा। समारोह में प्रदेशभर से पांच हजार से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेन्द्र पाल गौतम होंगे।

रविवार को आयोजित प्रेस वार्ता में बिहार प्रदेश कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के अध्यक्ष रवींद्र कुमार पासवान ने कहा कि भोला पासवान शास्त्री बिहार के पहले दलित मुख्यमंत्री और देश के प्रमुख दलित नेताओं में शामिल थे। उनका सार्वजनिक जीवन सामाजिक न्याय, जनसेवा तथा गरीबों और वंचितों के अधिकारों के लिए समर्पित रहा। उन्होंने केंद्र सरकार से भोला पासवान शास्त्री को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि भोला पासवान शास्त्री तीन बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे। इसके अलावा उन्होंने विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी निभाई और केंद्र सरकार में केंद्रीय शहरी विकास मंत्री के रूप में भी कार्य किया। वर्ष 1978 में गठित अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण आयोग के वे प्रथम अध्यक्ष बने। उनके मुख्यमंत्रित्व काल में बिहार के पहले पिछड़ा वर्ग आयोग, जिसे मुंगेरीलाल कमीशन के नाम से जाना जाता है, ने काम शुरू किया।रवींद्र कुमार पासवान ने कहा कि शास्त्री जी की सादगी, विद्वता और त्यागपूर्ण जीवन आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार में सत्ता में रही विभिन्न सरकारों ने उनके योगदान और राजनीतिक विरासत को अपेक्षित सम्मान नहीं दिया।उन्होंने सरकार के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखीं। इनमें भोला पासवान शास्त्री को भारत रत्न देने, पटना के किसी प्रमुख चौराहे पर उनकी प्रतिमा स्थापित करने तथा उनके नाम पर संग्रहालय बनाने की मांग शामिल है। उन्होंने कहा कि संग्रहालय के माध्यम से नई पीढ़ी को उनके जीवन, संघर्ष और सामाजिक योगदान से परिचित कराया जा सकेगा।

पूर्णिया से था गहरा नाता

भोला पासवान शास्त्री का पूर्णिया से भी गहरा नाता रहा है। वे पूर्णिया जिले के के.नगर प्रखंड की बैरगाछी पंचायत के निवासी थे। बिहार के तीन बार मुख्यमंत्री रहे शास्त्री का राजनीतिक और सामाजिक जीवन राज्य के इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।प्रेस वार्ता में प्रदेश महासचिव डॉ. अनिल कुमार, एआईसीसी अनुसूचित जाति विभाग के राष्ट्रीय संयोजक एसपी लवना, पटना जिला अध्यक्ष प्रदीप पासवान और हासित कुमार मौजूद रहे।

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