पूर्णियाँ /बालमुकुन्द यादव
विद्या विहार रेजिडेंशियल स्कूल, परोरा में शनिवार को सत्र 2026-27 का अलंकरण समारोह रविवंश नारायण मिश्रा स्मृति सभागार में आयोजित किया गया। समारोह में छात्र परिषद के नवनियुक्त पदाधिकारियों का अलंकरण किया गया। इसके साथ ही छात्र प्रधानमंत्री अनन्या किशोर के नेतृत्व में छात्र संसद 2026-27 ने औपचारिक रूप से कार्यभार ग्रहण किया।समारोह के शुभारंभ से पहले विद्यालय के दो संगीत बैंडों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं। छात्राओं के बैंड ‘महानंदा सिम्फनी’ ने इमेजिन ड्रैगन्स के ‘बिलीवर’ और छात्रों के बैंड ‘कोसी क्रेसेंडो’ ने ‘बोन्स’ की प्रस्तुति दी। इसके बाद विशिष्ट अतिथि पूर्णिया विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर अंग्रेजी विभाग की अवकाशप्राप्त विभागाध्यक्ष डॉ. उषा शरण तथा करियर परामर्शदाता एवं मनोवैज्ञानिक और साइकोग्राफिक सोसाइटी, रांची के निदेशक विकास कुमार का विद्यालय परिवार की ओर से स्वागत किया गया। दीप प्रज्वलन और विद्यालय गीत के साथ समारोह का औपचारिक शुभारंभ हुआ
छात्र परिषद के पदाधिकारियों को मिली जिम्मेदारी
सत्र 2026-27 के लिए शाहिल रंजन और प्रेरणा प्रियदर्शिनी को विद्यालय कप्तान, जबकि श्रुति सिंह और हर्षित राज को विद्यालय उपकप्तान बनाया गया। साध्वी कुमारी और अनुकूल चंद्र को विद्यालय खेल कप्तान तथा आदर्श कुमार और प्रतिभा कुमारी को खेल उपकप्तान की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसी तरह गुंजन सिंह को सांस्कृतिक कप्तान, शुभांगी कुमारी को सांस्कृतिक उपकप्तान और बिक्रम कुमार को साहित्यिक कप्तान का दायित्व दिया गया।
छात्र संसद ने संभाला कार्यभार
छात्र परिषद के अलंकरण के बाद छात्र प्रधानमंत्री अनन्या किशोर के नेतृत्व में छात्र संसद 2026-27 ने कार्यभार संभाला। उपप्रधानमंत्री आदिति और अरव रॉय सहित विभिन्न विभागों के मंत्रियों ने भी पदभार ग्रहण किया। छात्र संसद के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रतिनिधित्व, संवाद, सामूहिक निर्णय, उत्तरदायी नेतृत्व और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव देने का प्रयास किया जाता है।छात्र परिषद और छात्र संसद के प्रतिनिधियों ने विद्यालय के नियमों एवं मूल्यों के अनुरूप अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने की शपथ ली
नेतृत्व को जिम्मेदारी से जोड़ने पर जोर
प्रधानाचार्य निखिल रंजन ने कहा कि विद्यार्थियों को नेतृत्व की जिम्मेदारी देना उनके व्यक्तित्व विकास और उत्तरदायित्व-बोध को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने छात्र प्रतिनिधियों से अपने आचरण और कार्यों के माध्यम से अन्य विद्यार्थियों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करने की अपेक्षा की।विशिष्ट अतिथि डॉ. उषा शरण ने कहा कि नेतृत्व केवल पद प्राप्त करने का नाम नहीं, बल्कि जिम्मेदारी स्वीकार करने और अपने आचरण से दूसरों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करने का अवसर है। उन्होंने शिक्षा के साथ चरित्र, संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों के विकास पर जोर दिया।विकास कुमार ने लक्ष्य निर्धारण, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सफलता के लिए प्रतिभा के साथ स्पष्ट लक्ष्य, अनुशासन और सही दृष्टिकोण जरूरी है। उन्होंने छात्र प्रतिनिधियों से अपने पद को प्रतिष्ठा के बजाय सेवा और जिम्मेदारी का अवसर मानने का आह्वान किया।विद्यालय के सचिव अभियंता राजेश चंद्र मिश्रा ने छात्र परिषद और छात्र संसद के सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नेतृत्व और प्रतिनिधित्व की जिम्मेदारी विद्यार्थियों को भविष्य की बड़ी भूमिकाओं के लिए तैयार करती है। निदेशक अभियंता आर. के. पॉल ने टीमवर्क और सामूहिक हित को प्रभावी नेतृत्व का आधार बताया।समारोह में विशिष्ट अतिथियों को विद्यालय परिवार की ओर से शॉल एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके बाद अतिथियों, विद्यालय प्रबंधन और छात्र प्रतिनिधियों के साथ सामूहिक छायाचित्र लिया गया। धन्यवाद ज्ञापन एवं राष्ट्रगान के साथ समारोह का समापन हुआ।



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