बरंडी नदी में शनिवार को डूबे 30 वर्षीय सोमाय किस्कू की तलाश में रविवार को दूसरे दिन भी एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों ने सघन अभियान चलाया। सुबह से शाम तक मोटरबोट के सहारे गड़ैया घाट से मोरसंडा होते हुए निसुन्द्रा पुल तक नदी के विभिन्न हिस्सों में तलाशी ली गई। कई घंटे चले अभियान के बावजूद देर शाम तक लापता युवक का कोई सुराग नहीं मिल सका।
सोमाय किस्कू फलका थाना क्षेत्र की रहटा पंचायत के बरकीबाड़ी गांव का रहने वाला है। जानकारी के अनुसार, शनिवार दोपहर करीब 12 बजे वह लक्ष्मीपुर बहियार स्थित खेत में लगी फसल देखने घर से निकला था। गड़ैया घाट के समीप बरंडी नदी पार करने के दौरान अचानक पैर फिसलने से वह गहरे पानी में चला गया। इसके बाद से ही उसकी तलाश की जा रही है।
रविवार सुबह एसडीआरएफ की टीम घटनास्थल पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से मोटरबोट के जरिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया। टीम ने गड़ैया घाट से नदी की धारा के साथ मोरसंडा तक तलाशी ली। इसके बाद निसुन्द्रा पुल के आसपास नदी के गहरे हिस्सों और किनारों को भी खंगाला गया। लगातार बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है। कई जगह तेज बहाव और अधिक गहराई के कारण रेस्क्यू टीम को परेशानी का सामना करना पड़ा।
युवक की तलाश के दौरान मुखिया राजेश कुमार रंजन, जिला पार्षद प्रतिनिधि मनोज मंडल, सरपंच चंदन कुमार मंडल और समाजसेवी अरमान आलम समेत अन्य लोग भी घटनास्थल पर मौजूद रहे। जनप्रतिनिधि प्रशासन और एसडीआरएफ की टीम से लगातार संपर्क में रहे।
मुखिया राजेश कुमार रंजन ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद से प्रशासन के सहयोग से युवक की तलाश कराई जा रही है। एसडीआरएफ की टीम पूरी तत्परता से अभियान में जुटी है। जिला पार्षद प्रतिनिधि मनोज मंडल ने कहा कि नदी के तेज बहाव के कारण रेस्क्यू में कठिनाई आ रही है, लेकिन युवक के मिलने तक तलाश जारी रहेगी। सरपंच चंदन कुमार मंडल ने बताया कि परिजन बेसब्री से युवक के मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं।
दो दिन से घर में नहीं जला चूल्हा
सोमाय किस्कू के लापता होने के बाद से उसके परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजन लगातार नदी की ओर टकटकी लगाए हुए हैं। परिवार के अनुसार, शनिवार से घर में चूल्हा नहीं जला है। गांव में भी मातम का माहौल है। ग्रामीण दिनभर नदी किनारे जुटे रहे और युवक के सकुशल मिलने की उम्मीद लगाए रहे।
दो दिनों से जारी सर्च अभियान के बावजूद सोमाय किस्कू का पता नहीं चल सका है। नदी का तेज बहाव और बढ़ा जलस्तर रेस्क्यू टीम के लिए चुनौती बना हुआ है। एसडीआरएफ और स्थानीय गोताखोरों की तलाश जारी है।
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