श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर शुक्रवार को संजय गांधी मैदान, दिघलबैंक में पारंपरिक नारियल खेल का आयोजन धूमधाम और उत्साह के साथ किया गया। खेल में क्षेत्र के विभिन्न गांवों और बाजारों से बड़ी संख्या में युवक पहुंचे। स्थानीय लोगों, युवाओं और बच्चों में आयोजन को लेकर खासा उत्साह रहा।
नारियल खेल के दौरान प्रतिभागियों ने शारीरिक क्षमता, संतुलन और साहस का प्रदर्शन किया। खेल के लिए एक बांस को घी और सिंदूर से लेपित कर चुनौतीपूर्ण बनाया गया था। बांस के ऊपरी हिस्से में कलश रखा गया, जिसे प्रतिभागियों को बांस पर चढ़कर उतारना था। प्रतिभागियों के प्रयास के दौरान मैदान में मौजूद लोगों ने तालियों और जयकारों से उनका उत्साह बढ़ाया।
आयोजन के दौरान छोटे-छोटे बच्चे कृष्ण और राधा के रूप में सजकर पहुंचे, जो आकर्षण का केंद्र रहे। बच्चों की मनमोहक वेशभूषा ने जन्माष्टमी के धार्मिक एवं सांस्कृतिक माहौल को और भी जीवंत बना दिया।
कार्यक्रम में मुखिया प्रतिनिधि सहित क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्ति और स्थानीय लोग मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि ऐसे पारंपरिक आयोजनों से नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति, लोक परंपरा और पारंपरिक खेलों से जुड़ने का अवसर मिलता है।
आयोजन को सफल बनाने में मुखिया प्रतिनिधि गणेश कुमार सिंह, रमेश महतो, मनिया कामती, अवधेश रॉय, गजेंद्र कमती, सोनदेव, दीपक कमती, धनी कामती, पप्पू शर्मा, करण साहनी, पंकज ठाकुर, किशन ठाकुर सहित कई स्थानीय लोगों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। स्थानीय युवाओं और आयोजकों के सहयोग से कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ।
जन्माष्टमी पर आयोजित इस पारंपरिक नारियल खेल ने युवाओं में उत्साह और उमंग भरने के साथ क्षेत्र की लोक परंपरा और सामाजिक एकजुटता को भी मजबूत किया। स्थानीय लोगों ने ऐसे आयोजनों को भविष्य में भी जारी रखने की बात कही।
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