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परदेश गया पति तो देवर पर आया दिल! मायके भेजने के बाद भी चोरी-छिपे मिलते रहे दोनों, परिवार परामर्श केंद्र में खुला राज

“आजकल तेरे-मेरे प्यार के चर्चे हर जुबान पर…”* फिल्मी गाने की यह पंक्ति पूर्णिया के एक पारिवारिक विवाद में कुछ इस तरह चरितार्थ हुई कि मामला पुलिस परिवार परामर्श केंद्र तक पहुंच गया। पति का आरोप है कि उसके परदेश जाते ही पत्नी ने उसके छोटे भाई पर डोरे डालना शुरू कर दिया। दोनों के बीच नजदीकियों की चर्चा गांव में फैल गई और धीरे-धीरे यह विवाद पूरे परिवार के सामने आ गया।

मामला कसबा थाना क्षेत्र की महिला और श्रीनगर थाना क्षेत्र के उसके पति से जुड़ा बताया गया है। पति मजदूरी करने के लिए परदेश गया था। जाने से पहले उसने अपनी पत्नी की जिम्मेदारी अपने छोटे भाई को सौंपी थी। पति का आरोप है कि इसी दौरान पत्नी और उसके देवर के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं। दोनों के बीच कथित संबंधों की चर्चा गांव में होने लगी तो पति को भी इसकी जानकारी मिली।

परदेश से लौटने के बाद पति ने पत्नी के मायके वालों को पूरी बात बताई। सास-ससुर ने बेटी को समझाया और कड़ी फटकार भी लगाई, लेकिन विवाद थमने का नाम नहीं लिया। ग्रामीण स्तर पर पंचायत हुई और दोनों को अलग रखने का फैसला लिया गया। पत्नी को करीब छह महीने के लिए मायके भेज दिया गया, ताकि रिश्ते में आई खटास दूर हो सके।
लेकिन पति का आरोप है कि दूरी भी दोनों की मुलाकात नहीं रोक सकी। मायके भेजे जाने के बाद भी दोनों चोरी-छिपे मिलते रहे। पति को जब इसकी जानकारी मिली तो उसने आखिरकार पुलिस परिवार परामर्श केंद्र की शरण ली।

परिवार परामर्श केंद्र में दोनों पक्षों को बुलाकर पूरे मामले की सुनवाई की गई। केंद्र के सदस्यों ने पति-पत्नी को समझाया और पारिवारिक जीवन, जिम्मेदारियों तथा रिश्ते में विश्वास की अहमियत बताई। कड़ी समझाइश के बाद पत्नी ने लिखित रूप से भरोसा दिलाया कि भविष्य में ऐसी गलती दोबारा नहीं करेगी और पति के प्रति वफादार रहेगी।
इसके बाद दोनों के बीच समझौता कराया गया और पति-पत्नी को दोबारा साथ रहने के लिए भेज दिया गया।

28 मामलों की हुई सुनवाई
पुलिस परिवार परामर्श केंद्र में कुल 28 मामलों की सुनवाई हुई। इनमें कई मामलों का समझौते के आधार पर निष्पादन किया गया और पति-पत्नी को आपसी विवाद खत्म कर साथ रहने के लिए राजी कराया गया। वहीं, चार मामलों में पति-पत्नी को थाना अथवा न्यायालय की शरण लेने की सलाह दी गई।

मामलों के समाधान में परिवार परामर्श केंद्र के सदस्य दिलीप कुमार दीपक, स्वाति वैश्यत्री बबीता चौधरी, रविंद्र शाह, जीनत रहमान, प्रमोद जायसवाल और प्रियंका समेत अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महिला थाना अध्यक्ष राजनंदनी की मौजूदगी में भी मामलों की सुनवाई हुई।

हालांकि, देवर-भाभी से जुड़े इस मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। परिवार परामर्श केंद्र में हुई काउंसिलिंग और दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते के आधार पर मामला सुलझाया गया।

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