Top News

नशे के कारोबार का नया ट्रांजिट कॉरिडोर बन रहा किशनगंज? बंगाल से आती खेप, बिहार-नेपाल तक पहुंच,60 लाख का MDMA बरामद

सीमावर्ती जिला किशनगंज में नशीले पदार्थों की लगातार हो रही बरामदगी ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। पश्चिम बंगाल से नशीले पदार्थों की खेप किशनगंज पहुंचने और यहां से बिहार के अलग-अलग जिलों के साथ-साथ नेपाल तक इसकी सप्लाई किए जाने की आशंका ने सीमावर्ती इलाके में सक्रिय तस्करी नेटवर्क पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल के दिनों में स्मैक और ब्राउन शुगर की बरामदगी के बाद अब 60 लाख रुपये मूल्य के 200 ग्राम MDMA की बरामदगी ने इस पूरे नेटवर्क की गंभीरता को सामने ला दिया है।
किशनगंज की भौगोलिक स्थिति तस्करों के लिए बेहद संवेदनशील मानी जाती है। एक ओर इसकी सीमा पश्चिम बंगाल से जुड़ी है, जबकि दूसरी ओर नेपाल की अंतरराष्ट्रीय सीमा नजदीक है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियों की नजर इस बात पर है कि कहीं पश्चिम बंगाल से आने वाली नशीले पदार्थों की खेप किशनगंज को ट्रांजिट प्वाइंट बनाकर बिहार के विभिन्न जिलों और नेपाल तक तो नहीं पहुंचाई जा रही।

 60 लाख के MDMA के साथ तस्कर गिरफ्तार

किशनगंज पुलिस के एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) और कोचाधामन थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए मंगलवार को एक तस्कर को गिरफ्तार किया। उसके पास से 200 ग्राम MDMA, एक मोटरसाइकिल और डिजिटल माप-तौल मशीन बरामद की गई। पुलिस ने बरामद स्मेक की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 60 लाख रुपये बताई है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 45 वर्षीय कुर्बान अली, निवासी मौजाबाड़ी, थाना कोचाधामन, जिला किशनगंज के रूप में हुई है। पुलिस को 11 अगस्त की रात सूचना मिली थी कि अवैध मादक पदार्थ की बड़ी खेप की डिलीवरी के लिए तस्कर ई-मार्केट, पोखरखाली मोड़ के पास आने वाला है। इसके बाद विशेष टीम ने कार्रवाई शुरू की। पुलिस टीम कोचाधामन क्षेत्र के देहातरी मोड़ के पास वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान मस्तान चौक की ओर से एक मोटरसाइकिल सवार आया। पुलिस चेकिंग देखकर उसने बाइक घुमाकर भागने का प्रयास किया। संदेह के आधार पर पुलिस ने पीछा कर उसे पकड़ा। तलाशी में 200 ग्राम MDMA बरामद हुआ।
 ब्राउन शुगर और स्मैक की खेप भी लगातार पकड़ में आ रही
किशनगंज में यह पहली बड़ी मादक पदार्थ बरामदगी नहीं है। इससे पहले पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई में स्मैक और ब्राउन शुगर की कई खेप पकड़ी जा चुकी हैं। सीमावर्ती क्षेत्रों में नशीले पदार्थों की बरामदगी और तस्करों की गिरफ्तारी से यह संकेत मिल रहा है कि इलाके में नशीले पदार्थों की सप्लाई चेन सक्रिय है। विशेष रूप से ब्राउन शुगर और स्मैक की तस्करी को लेकर किशनगंज पुलिस, एएनटीएफ और सीमा से जुड़ी सुरक्षा एजेंसियां लगातार अभियान चला रही हैं। कई मामलों में नशीले पदार्थों के साथ वाहनों और तस्करों को पकड़ा गया है।

बंगाल से खेप, किशनगंज में डिलीवरी और आगे सप्लाई का शक

जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में नशीले पदार्थ किशनगंज तक पहुंच कैसे रहे हैं और यहां से उनकी सप्लाई कहां-कहां तक हो रही है। पुलिस की मौजूदा कार्रवाई में गिरफ्तार तस्कर से पूछताछ के आधार पर बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज खंगाला जा रहा है। यानी नशीला पदार्थ कहां से आया, किसने उपलब्ध कराया, किसे डिलीवरी देनी थी और आगे इसकी सप्लाई किस नेटवर्क के जरिए होनी थी—इन सभी बिंदुओं की जांच की जा रही है। यदि जांच में पश्चिम बंगाल से किशनगंज के रास्ते बिहार के दूसरे जिलों या नेपाल तक सप्लाई का नेटवर्क सामने आता है तो यह सीमावर्ती सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर मामला होगा। 
फिलहाल 200 ग्राम स्मेक की बरामदगी ने किशनगंज में सक्रिय मादक पदार्थ तस्करी के नेटवर्क को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। बंगाल से सटे किशनगंज में स्मैक, ब्राउन शुगर और अब MDMA की लगातार बरामदगी इस बात की ओर इशारा कर रही है कि सीमावर्ती क्षेत्र नशे के कारोबारियों के लिए महत्वपूर्ण ट्रांजिट प्वाइंट बनता जा रहा है। हालांकि बंगाल से नेपाल तक किसी संगठित नेटवर्क की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

Post a Comment

Previous Post Next Post