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रूस में था युवक, बिहार में दर्ज हो गई FIR! NEET प्रदर्शन केस में मचा बवाल




बिहार में NEET पेपर लीक के विरोध प्रदर्शन को लेकर दर्ज मामलों के बीच अब एक ऐसा दावा सामने आया है, जिसने पूरे मामले को नए विवाद में ला खड़ा किया है। किशनगंज जिले के बहादुरगंज थाना में दर्ज FIR में नामजद एक युवक ने दावा किया है कि घटना के समय वह भारत में था ही नहीं, बल्कि पिछले चार महीने से रूस में रहकर काम कर रहा है। युवक का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उसने खुद को बेगुनाह बताते हुए निष्पक्ष जांच और FIR से नाम हटाने की मांग की है। 

दरअसल, NEET पेपर लीक के विरोध में 24 जुलाई को बहादुरगंज के LRP चौक पर हुए प्रदर्शन के बाद बहादुरगंज थाना कांड संख्या 460/2026 दर्ज किया गया। इस मामले में 68 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है, जबकि 100 से 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया गया है। इसी FIR में अपना नाम आने का दावा करते हुए बहादुरगंज नगर पंचायत वार्ड संख्या-12 निवासी मोहम्मद सदाकत उर्फ सदाकत कोनेन राही ने रूस से वीडियो जारी किया है।

वीडियो में सदाकत ने कहा कि वह मार्च 2026 से रूस के सख्ती शहर में सिलाई का काम कर रहा है और घटना के समय भी वहीं मौजूद था। उसका कहना है कि प्रदर्शन में उसकी कोई भूमिका नहीं थी, फिर भी उसे नामजद आरोपी बना दिया गया। उसने प्रशासन से अपील की है कि उसके पासपोर्ट, यात्रा रिकॉर्ड और अन्य दस्तावेजों की जांच कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके और उसका नाम FIR से हटाया जाए।

यही नहीं, मामले में एक और दावा भी सामने आया है। लोचा पंचायत निवासी अदनान अमीनी ने अपना D.El.Ed परीक्षा का एडमिट कार्ड दिखाते हुए कहा कि घटना वाले दिन वह बहादुरगंज में प्रदर्शन नहीं बल्कि करीब 20 किलोमीटर दूर किशनगंज गर्ल्स हाई स्कूल में परीक्षा दे रहा था। अदनान का कहना है कि परीक्षा केंद्र में कई CCTV कैमरे लगे थे और प्रशासन चाहे तो फुटेज देखकर उसकी मौजूदगी की पुष्टि कर सकता है।

इन दावों के बाद पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं। SDPO खुसरु सिराज ने कहा कि आरोपितों के नाम वायरल वीडियो, अंचल अधिकारी द्वारा उपलब्ध कराई गई सूची, स्थानीय लोगों और चौकीदार से मिले इनपुट के आधार पर शामिल किए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे मामले की जांच जारी है और यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं तो कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, किशनगंज के पुलिस अधीक्षक हरिमोहन शुक्ला ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है। उन्होंने न तो युवक के दावे की पुष्टि की और न ही उसका खंडन किया। उनका कहना है कि यदि किसी को FIR को लेकर शिकायत है तो वह पुलिस के समक्ष अपना पक्ष रख सकता है। शिकायत मिलने पर नियमानुसार जांच और कार्रवाई की जाएगी तथा न्यायालय के निर्देशों का पालन किया जाएगा।

इस मामले ने राजनीतिक रंग भी पकड़ लिया है। AIMIM विधायक तौसीफ आलम ने आरोप लगाया कि FIR में ऐसे लोगों के नाम भी शामिल कर दिए गए हैं जो घटना के समय विदेश में थे। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की मांग की। वहीं बहादुरगंज जिला परिषद सदस्य इमरान आलम ने भी कहा कि यदि विदेश में मौजूद व्यक्ति का नाम FIR में शामिल हुआ है तो यह पुलिस जांच पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वास्तव में विदेश में मौजूद लोगों के नाम भी FIR में जोड़ दिए गए, या जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर नाम शामिल किए गए? इसका जवाब पुलिस जांच और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। तब तक यह मामला बिहार में NEET विरोध प्रदर्शन से जुड़े सबसे चर्चित विवादों में शामिल हो गया है।

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