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पहले मांगा चंदा, फिर लेकर भागे पप्पू यादव! संसद में 'ढोंगी बाबा' बनकर किया ऐसा प्रदर्शन कि देखते रह गए सांसद

"अरे भाई... ये संसद है या नुक्कड़ नाटक?" शुक्रवार को संसद परिसर में कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। पूर्णिया के निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भगवा वस्त्र पहनकर, हाथ में भगवान राम की तस्वीर और सामने दानपेटी रखकर मकर द्वार के पास बैठ गए। जो भी वहां से गुजर रहा था, वह कुछ पल के लिए ठिठक गया। देखते ही देखते सांसदों की भीड़ जुट गई और फिर शुरू हुआ ऐसा प्रतीकात्मक प्रदर्शन, जिसकी चर्चा पूरे दिन संसद से लेकर सोशल मीडिया तक होती रही।
दरअसल, पप्पू यादव ने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे में कथित हेराफेरी के आरोपों के विरोध में यह अनोखा प्रदर्शन किया। उन्होंने साधु और पुजारी का वेश धारण किया और दानपेटी रखकर सांसदों से प्रतीकात्मक रूप से चंदा मांगना शुरू कर दिया।
सबसे पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी वहां पहुंचे और उन्होंने दानपेटी में पैसे डाले। इसके बाद समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद, डिंपल यादव समेत कई विपक्षी सांसदों ने भी दान देकर प्रदर्शन का समर्थन किया।
लेकिन असली 'ट्विस्ट' तब आया, जब नाटक के अगले दृश्य में पप्पू यादव ने दानपेटी में पैसा डालने के बजाय उसे अपनी जेब में रखना शुरू किया और फिर पेटी लेकर भागने का अभिनय किया। आसपास मौजूद विपक्षी सांसदों ने उन्हें पकड़ लिया और नारे लगने लगे—"चढ़ावा चोर, गद्दी छोड़।" यह पूरा घटनाक्रम कुछ ही मिनटों का था, लेकिन संसद परिसर में मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया।
क्या है पूरा मामला?
यह प्रदर्शन अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के आरोपों को लेकर किया गया। कुछ सप्ताह पहले समाजवादी पार्टी के एक नेता ने आरोप लगाया था कि मंदिर के दान में करोड़ों रुपये की हेराफेरी हुई है। शिकायत मिलने के बाद ट्रस्ट की ओर से एफआईआर दर्ज कराई गई, एसआईटी का गठन हुआ और आठ लोगों की गिरफ्तारी की गई। बताया गया कि गिरफ्तार आरोपियों में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के करीबी बताए जाने वाले लोग भी शामिल हैं। जांच के दौरान नकदी और संपत्ति से जुड़े दस्तावेज मिलने की भी खबरें सामने आईं।
हालांकि, ट्रस्ट और सरकार की ओर से इन आरोपों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया या आंतरिक विवाद से जुड़ा मामला बताया गया है। पूरे प्रकरण की जांच अभी जारी है और किसी अंतिम निष्कर्ष पर जांच एजेंसियां नहीं पहुंची हैं।

लगातार चौथे दिन भी अलग अंदाज में प्रदर्शन
पप्पू यादव पिछले चार दिनों से संसद परिसर में अलग-अलग मुद्दों पर अनोखे अंदाज में प्रदर्शन कर रहे हैं और लगातार सुर्खियां बटोर रहे हैं। इस बार उनका भगवा वस्त्र पहनकर दानपेटी के साथ किया गया प्रदर्शन सबसे ज्यादा चर्चा में रहा।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
इस प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंटा नजर आया। एक वर्ग इसे राम मंदिर चढ़ावा मामले में पारदर्शिता की मांग को लेकर किया गया प्रतीकात्मक विरोध बता रहा है, जबकि दूसरा वर्ग इसे सनातन परंपरा और साधु वेशभूषा का अपमान बताते हुए पप्पू यादव की आलोचना कर रहा है। कई लोगों ने इसे संसद की गरिमा से जोड़कर भी सवाल उठाए हैं।
फिलहाल, संसद में हुआ यह प्रतीकात्मक नाटक राजनीतिक बहस का नया विषय बन गया है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि राम मंदिर चढ़ावा मामले की जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है और आरोपों पर क्या निष्कर्ष निकलता है।

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