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नेपाल में सांप्रदायिक हिंसा की आग भड़की, बिराटनगर-धरान में कर्फ्यू; प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग में एक की मौत



अररिया जिले से सटे नेपाल के सुनसरी जिले के देवानगंज में हुई सांप्रदायिक हिंसा की आंच अब पूरे कोसी और मधेश प्रदेश तक फैल गई है। गुरुवार को सिराहा जिले के लहान में प्रदर्शन के दौरान पुलिस फायरिंग में गणेश यादव की मौत हो गई, जबकि सुभाष ठाकुर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें बेहतर इलाज के लिए धरान रेफर किया गया है।

बढ़ते तनाव को देखते हुए नेपाल प्रशासन ने सिराहा और मधेश प्रदेश की राजधानी जनकपुरधाम में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया है। वहीं पर्सा जिले के वीरगंज में भी निषेधाज्ञा लागू कर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।

उधर, कोसी प्रदेश की राजधानी विराटनगर में हिंदू समाज के बैनर तले हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया। पंचमुखी हनुमान मंदिर से निकले प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन कार्यालय का घेराव कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और बाजार बंद कराया। हालात को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल और नेपाली सेना की तैनाती की गई तथा पूरे दिन सेना ने फ्लैग मार्च किया। मोरंग के एसपी ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सरकार की जांच समिति मामले की जांच कर रही है।

इस बीच नेपाल के पूर्व राजा ज्ञानेन्द्र शाह ने सुनसरी हिंसा पर गहरा दुख जताते हुए नागरिकों से संयम और आपसी सद्भाव बनाए रखने की अपील की है। संसद में भी कई सांसदों ने सरकार से तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग उठाई। प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक बुलाकर सुनसरी समेत सीमावर्ती जिलों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।

नेपाल के गृह मंत्री सुधन गुरुङ ने विराटनगर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती घायलों से मुलाकात कर उनके इलाज की जानकारी ली और चिकित्सकों को बेहतर उपचार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। इसके बाद उन्होंने देवानगंज पहुंचकर मृतकों के परिजनों से भी मिलने का कार्यक्रम तय किया।

देवानगंज हिंसा में घायल 22 वर्षीय जयप्रकाश मेहता की गुरुवार को इलाज के दौरान न्यूरो अस्पताल में मौत हो गई। मोरंग पुलिस के अनुसार उसके पेट में गोली लगी थी और ऑपरेशन के बाद भी उसकी हालत गंभीर बनी हुई थी। इससे पहले ओमप्रकाश मेहता की भी गोली लगने से मौत हो चुकी थी। इसके साथ ही देवानगंज हिंसा में मृतकों की संख्या बढ़कर दो हो गई है।

भारत-नेपाल सीमा से सटे सुनसरी जिले में बढ़ते तनाव को देखते हुए दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि यह क्षेत्र व्यापार और आवागमन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

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