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सुनसरी हिंसा पर नेपाल सरकार सख्त,विराटनगर में बंद का असर जोगबनी तक


नेपाल के सुनसरी जिले की देवानगंज गांवपालिका-3 स्थित कप्तानगंज में रविवार रात दो समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में तनाव बना हुआ है। घटना में ओम प्रकाश महतो की मौत और 24 लोगों के घायल होने के विरोध में मंगलवार को जोगबनी से सटे विराटनगर में विभिन्न संगठनों और स्थानीय लोगों ने बाजार बंद रखा। इसका असर भारत-नेपाल सीमा पर स्थित रानी बाजार और जोगबनी के बाजारों में भी देखने को मिला।

विराटनगर में बाजार बंद रहने के कारण सीमापार आवाजाही सामान्य दिनों की तुलना में कम रही। इसका सीधा असर जोगबनी के कारोबार पर पड़ा और बाजारों में ग्राहकों की संख्या घटने से व्यापार प्रभावित हुआ। स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि नेपाल से आने वाले खरीदारों की कमी के कारण बिक्री में गिरावट दर्ज की गई।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। दोनों देशों के सुरक्षा बल सीमा क्षेत्र में लगातार निगरानी रख रहे हैं और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सतर्क हैं।

उधर, हिंसा के बाद नेपाल सरकार के गृह मंत्रालय ने बड़ा प्रशासनिक और सुरक्षा फेरबदल किया है। सुनसरी के प्रमुख जिला अधिकारी (सीडीओ) बासुदेव घिमिरे को मंत्रालय वापस बुलाते हुए उनकी जगह संखुवासभा के सीडीओ इश्वरी प्रसाद अर्याल को नई जिम्मेदारी दी गई है।
कोशी प्रदेश प्रहरी कार्यालय के डीआईजी विनोद घिमिरे का तबादला पुलिस मुख्यालय, काठमांडू कर दिया गया है। उनकी जगह डीआईजी शेखर खनाल को कोशी प्रदेश का नया प्रमुख बनाया गया है। वहीं सुनसरी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) केशव थेबे का स्थानांतरण गौतम बुद्ध अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, भैरहवा किया गया है तथा उनकी जगह एसपी पुष्पराज मल्ल को सुनसरी भेजा गया है।
सशस्त्र प्रहरी बल के एसपी श्याम कुमार कार्की को भी मुख्यालय बुला लिया गया है। उनकी जगह एसपी लव कुमार सापकोटा की तैनाती की गई है। इसके अलावा कप्तानगंज में तैनात डीएसपी नन्दकिशोर महतो को हटाकर डीएसपी मदन नाथ को नया प्रभारी बनाया गया है।

बताया गया कि रविवार रात दो युवक समूहों के बीच शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गया। हालात बेकाबू होने पर सुरक्षा बलों ने गोलीबारी की, जिसमें ओम प्रकाश महतो की मौत हो गई। हालांकि नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि घातक गोली सुरक्षा बल के हथियार से चली थी या किसी अन्य स्रोत से।

घटना में 9 आम नागरिक, 10 नेपाल पुलिसकर्मी और 5 सशस्त्र प्रहरी बल के जवान सहित कुल 24 लोग घायल हुए हैं।

घटना की निष्पक्ष जांच के लिए नेपाल के गृह मंत्रालय ने सहसचिव भूपेन्द्र थापा की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की है। समिति को एक सप्ताह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने देवानगंज और हरिनगर गांवपालिका के कुछ क्षेत्रों में सोमवार सुबह 7 बजे से अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया है। गृह मंत्रालय ने दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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