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किशनगंज। ठाकुरगंज प्रखंड की चुरली पंचायत के पूर्व मुखिया स्व. राजीब पासवान के घर आयोजित शादी समारोह के दौरान हुई महिला गीता देवी की हत्या के सनसनीखेज मामले का किशनगंज पुलिस ने सफल खुलासा कर दिया है। इस मामले में बिहार और पश्चिम बंगाल के अंतरराज्यीय चोर गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने हत्या की गुत्थी सुलझाने के साथ जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में हुई सात चोरी की घटनाओं का भी उद्भेदन किया है।
पुलिस के अनुसार, 15 मई 2026 की रात कुर्लीकोर्ट थाना क्षेत्र के भैंसलोटी गांव में शादी समारोह के दौरान चोर घर में घुसकर चोरी कर रहे थे। इसी दौरान घर में सो रही गीता देवी जाग गईं और विरोध करने लगीं। बचाव के दौरान गिरोह के सरगना नूर आलम उर्फ मोटो नाजिर ने ताला तोड़ने वाली लोहे की रॉड से उनके सिर पर वार कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई। आरोपी घटना के बाद मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने बताया कि घटना के बाद मृतका के चचेरे भाई देव पासवान के आवेदन पर गीता देवी के पति विमल पासवान के विरुद्ध हत्या का मामला दर्ज कराया गया था। आरोप था कि पति ने पत्नी की हत्या कर दी है। हालांकि पुलिस की तकनीकी और वैज्ञानिक जांच में यह आरोप गलत साबित हुआ। एसआईटी ने मोबाइल लोकेशन, तकनीकी साक्ष्य और मानवीय सूचना के आधार पर वास्तविक आरोपियों तक पहुंच बनाई और पूरे हत्याकांड का खुलासा किया।
पूछताछ में मुख्य आरोपी नूर आलम उर्फ मोटो नाजिर ने हत्या की वारदात स्वीकार करते हुए बताया कि वह अपने साथियों जाहिद आलम उर्फ जाहिदुल इस्लाम उर्फ रहीम तथा इसराइल उर्फ मैसा उर्फ काना स्मिथ के साथ चोरी करने पहुंचा था। महिला के जाग जाने और विरोध करने पर उसने लोहे की रॉड से हमला कर दिया। वारदात के बाद आरोपी छत पर चढ़कर खून लगी रॉड पास के झाड़ीनुमा इलाके में फेंककर फरार हो गए।
जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपी पश्चिम बंगाल के नक्सलबाड़ी थाना क्षेत्र में चोरी के दौरान एक दंपति की हत्या के मामले में पहले भी जेल जा चुका है। जेल से छूटने के बाद उसने अपने साथियों के साथ बिहार और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में चोरी की वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया।
पुलिस पूछताछ में गिरोह ने कुर्लीकोर्ट, पोठिया, सुखानी और ठाकुरगंज थाना क्षेत्रों में घरों और मंदिरों में हुई कुल सात चोरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। गिरोह की निशानदेही पर तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से हत्या में प्रयुक्त लोहे की रॉड, घटना में इस्तेमाल मोबाइल फोन, सोने-चांदी के आभूषण, नौ साड़ियां, चांदी की पांच जोड़ी पायल, सोने के टॉप्स, झुमके, अंगूठियां, बाजूबंद, बिछिया, पीतल के बर्तन सहित बड़ी मात्रा में चोरी का सामान बरामद किया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग निवासी नूर आलम उर्फ मोटो नाजिर, किशनगंज के सुखानी निवासी इसराइल उर्फ मैसा उर्फ काना स्मिथ, पोठिया थाना क्षेत्र के ताबिरउद्दीन तथा सलीम खान के रूप में हुई है। इनके विरुद्ध कुर्लीकोर्ट, सुखानी, ठाकुरगंज और पोठिया थाना क्षेत्रों में दर्ज सात मामलों में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अधीक्षक ने इस सफल कार्रवाई के लिए एसडीपीओ-2 के नेतृत्व में गठित एसआईटी, जिला आसूचना इकाई (डीआईयू) तथा अभियान में शामिल सभी पुलिस अधिकारियों और जवानों को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।
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