के.नगर थाना क्षेत्र स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) परिसर में सैकड़ों प्रतिबंधित कोडीन युक्त कफ सिरप की खाली बोतलें मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है। अस्पताल के मुख्य द्वार के दक्षिणी हिस्से में बड़ी संख्या में पड़ी इन बोतलों को देखकर स्थानीय लोगों ने अस्पताल परिसर में नशीले पदार्थों के सेवन और अवैध कारोबार की आशंका जताई है।
ग्रामीणों का कहना है कि अस्पताल परिसर, जहां प्रतिदिन मरीजों, महिलाओं और बच्चों का इलाज होता है, वहां शाम ढलते ही असामाजिक तत्वों और नशे के आदी लोगों का जमावड़ा लगने लगता है। इससे मरीजों और उनके परिजनों में भय और असुरक्षा का माहौल बना रहता है।
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि पूर्व थानाध्यक्ष मुन्ना कुमार पटेल के कार्यकाल में स्मैक, शराब और अन्य नशीले पदार्थों के खिलाफ लगातार कार्रवाई होने से ऐसे कारोबारियों में भय था, लेकिन वर्तमान समय में पुलिस की कथित निष्क्रियता के कारण एक बार फिर नशे का अवैध कारोबार सक्रिय हो गया है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।
ग्रामीणों के अनुसार केनगर थाना क्षेत्र के बनभाग, चुनापुर, काझा, परोरा, केनगर चौक, इस्लामपुर, गोकुलपुर और झुन्नी बेगमपुर सहित कई इलाकों में देर शाम नशे के कारोबारियों और नशा करने वालों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं। लोगों ने इन क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
मामले पर सदर एसडीपीओ-2 डॉ. गौरव कुमार ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। यदि जांच में किसी की संलिप्तता सामने आती है तो दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने भी चिंता व्यक्त की है। जदयू प्रखंड अध्यक्ष सुबोध कुमार मेहता, भाजपा मंडल अध्यक्ष आदर्श कुमार 'गोलू', भाजपा मीडिया प्रभारी मनोरंजन शर्मा, समिति प्रतिनिधि रविंद्र यादव, अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रखंड अध्यक्ष मोहम्मद मुर्तजा, पंचायत समिति सदस्य मो. बादशाह, समाजसेवी मनोज झा, भाजपा नेता विवेक भारती तथा आम आदमी पार्टी के युवा जिला अध्यक्ष इरशाद परनवी ने अस्पताल परिसर और पूरे क्षेत्र में नशे के कारोबार पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई की मांग की है।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अस्पताल परिसर में मिली खाली बोतलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों की पहचान करने, नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने तथा अस्पताल परिसर में सुरक्षा और निगरानी की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
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