सीमांचल में तेजी से फैल रहे स्मैक के जाल ने अब परिवारों को भी तबाह करना शुरू कर दिया है। नशे की गिरफ्त में फंसे युवाओं के कारण घर-घर में कलह और अपराध बढ़ रहे हैं। इसी कड़ी में पूर्णिया के मरंगा थाना क्षेत्र के हरदा बाजार से एक ऐसी दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।
यहां एक स्मैक के आदी युवक ने अपने ही पिता और भाई पर चाकू तथा लाठी-डंडों से जानलेवा हमला कर दिया। दोनों गंभीर रूप से घायल होकर खून से लथपथ हालत में गिर पड़े, जिन्हें आनन-फानन में जीएमसीएच पूर्णिया में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
नशे की लत छुड़ाने की कोशिश पड़ी भारी
घायलों की पहचान हरदा बाजार निवासी बद्री महलदार और उनके बेटे पवन महलदार के रूप में हुई है। अस्पताल में भर्ती बद्री महलदार ने बताया कि उनका दूसरा बेटा दिलदार कुमार लंबे समय से स्मैक का आदी है। नशे की लत पूरी करने के लिए वह अक्सर घर में पैसे मांगता था। पैसे नहीं मिलने पर गाली-गलौज, मारपीट और हंगामा करना उसकी आदत बन चुकी थी। परिजनों के अनुसार घटना वाले दिन भी दिलदार स्मैक का सेवन करने की जिद कर रहा था। जब पिता और भाई ने उसे समझाने की कोशिश की और नशे के दुष्परिणाम बताते हुए रोकना चाहा, तो वह बेकाबू हो गया।
चाकू और लाठी लेकर टूट पड़ा बेटा
बताया जाता है कि गुस्से में आगबबूला दिलदार ने घर में रखा धारदार चाकू और लाठी उठा लिया और अपने ही पिता व भाई पर ताबड़तोड़ हमला शुरू कर दिया। उसने दोनों पर इतने वार किए कि वे गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। वही घर के अंदर से आ रही चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़े, लेकिन तब तक आरोपी मौके से फरार हो चुका था। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को पहले नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र और फिर जीएमसीएच पूर्णिया भेजा गया।
GMCH में चल रहा इलाज, हालत गंभीर
डॉक्टरों के अनुसार दोनों के सिर और शरीर पर गंभीर चोटें आई हैं। अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। अस्पताल में दोनों का इलाज जारी है। घटना के बाद हरदा बाजार और आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि स्मैक का कारोबार युवाओं को बर्बादी की ओर धकेल रहा है और अब इसके कारण परिवार भी टूटने लगे हैं।
सूचना मिलते ही मरंगा थाना पुलिस जीएमसीएच पहुंची और घायलों का बयान दर्ज किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी दिलदार कुमार की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।
पूर्णिया और सीमांचल के कई इलाकों में स्मैक की बढ़ती खपत अब सामाजिक संकट का रूप लेती जा रही है। नशे की लत पूरी करने के लिए युवा पहले घरों में चोरी कर रहे हैं, फिर बाहर अपराध की राह पकड़ रहे हैं। हरदा की यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं, बल्कि उस खतरनाक नशे की तस्वीर है जो धीरे-धीरे पूरे समाज को अपनी गिरफ्त में ले रहा है।
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