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पूर्णिया GMCH में अब पुलिस का पहरा! क्या रुकेगी चोरी, हंगामा और दलालों का खेल?

राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (जीएमसीएच) में लगातार हो रही वाहन चोरी, हंगामे और कानून-व्यवस्था से जुड़ी घटनाओं को देखते हुए गुरुवार को अस्पताल परिसर में पुलिस टीओपी (टाउन आउट पोस्ट) का उद्घाटन किया गया। नई पुलिस चौकी के शुरू होने से अस्पताल परिसर, इमरजेंसी वार्ड और पोस्टमार्टम हाउस में सुरक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी।
पुलिस टीओपी का मुख्य उद्देश्य अस्पताल में आने वाले मरीजों, उनके परिजनों तथा चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को किसी भी अप्रिय घटना या आपात स्थिति में तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराना है। साथ ही भीड़ नियंत्रण, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और असामाजिक तत्वों पर नजर रखने का कार्य भी किया जाएगा।
इस अवसर पर एसडीपीओ-1 अभिनव परासर ने बताया कि पूर्णिया जीएमसीएच सीमांचल का प्रमुख चिकित्सा संस्थान है, जहां पूर्णिया सहित आसपास के कई जिलों से बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं। इसके अलावा पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के कारण भी पुलिस की नियमित आवश्यकता रहती है। इसी आवश्यकता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अस्पताल परिसर में स्थायी टीओपी की स्थापना की गई है।
उन्होंने बताया कि पहले यह क्षेत्र फणीश्वर नाथ रेणु टीओपी के अधीन था, लेकिन अब जीएमसीएच टीओपी स्वतंत्र रूप से पुलिस संबंधी सभी कार्रवाई करेगा। यहां तीन शिफ्टों में पुलिस पदाधिकारी और जवान तैनात रहेंगे। रात के समय यदि कोई असामाजिक तत्व अस्पताल परिसर में प्रवेश कर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने का प्रयास करेगा तो तत्काल कार्रवाई की जाएगी। इससे अस्पताल में सुरक्षा के साथ-साथ पुलिस और चिकित्सकों के बीच बेहतर समन्वय भी स्थापित होगा।
वहीं, जीएमसीएच के अधीक्षक डॉ. संजय कुमार ने कहा कि मेडिकल कॉलेज परिसर में पुलिस टीओपी की लंबे समय से आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इसके शुरू होने से विशेष रूप से पोस्टमार्टम से जुड़े मामलों में दस्तावेजी प्रक्रिया और कानूनी औपचारिकताओं का तेजी से निष्पादन होगा। इससे मरीजों के परिजनों को अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा और सभी कार्य कानून के दायरे में अधिक व्यवस्थित ढंग से संपन्न होंगे।
उन्होंने पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं को भी अधिक प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण साबित होगी।
अब सबकी नजर इस बात पर रहेगी कि जीएमसीएच परिसर में स्थापित यह नया पुलिस टीओपी केवल हंगामे और कानून-व्यवस्था की स्थिति संभालने तक सीमित रहता है या फिर अस्पताल परिसर में लगातार हो रही वाहन चोरी, सक्रिय निजी अस्पतालों के कथित दलालों और अन्य अवांछित गतिविधियों पर भी प्रभावी अंकुश लगाने में सफल होता है। आने वाले दिनों में इसकी वास्तविक उपयोगिता इसी आधार पर आंकी जाएगी।

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