Top News

गाड़ी विवाद में प्राइवेट बाऊंसर और लोगो के बीच मारपीट

पूर्णिया में आजकल बाउंसरों की मानो बाढ़ आ गई है। कोई रुतबा दिखाने के लिए बाउंसर लेकर चलता है तो कोई अपने खिलाफ बढ़ते जनाक्रोश और विरोध से बचने के लिए। लेकिन इस बार पूर्णिया के जीरो माइल में बाउंसरों की लंबी-चौड़ी बॉडी और दबंग अंदाज किसी काम नहीं आया। सड़क पर शुरू हुए एक विवाद में मामला इतना बढ़ गया कि पब्लिक ने कथित तौर पर बाउंसरों की ही जमकर पिटाई कर दी। देखते ही देखते जीरो माइल चौक रणक्षेत्र में तब्दील हो गया और देर रात तक इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।
जानकारी के अनुसार, 7 जुलाई की रात एक नेता के पीए साहिल आनंद अपने ड्राइवर के साथ होटल मेफेयर से निकलकर जीरो माइल चौक पहुंचे। बताया जाता है कि उन्होंने अपनी गाड़ी जीरो माइल के समीप एक होटल के पास सड़क किनारे खड़ी कर दी। कुछ देर बाद एक दूसरी कार भी उनकी गाड़ी के आगे आकर खड़ी हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब साहिल आनंद ने आगे खड़ी कार को हटाने या आगे बढ़ाने के लिए कहा तो दूसरी कार में मौजूद लोगों ने गाड़ी पीछे कर निकलने और साइड से रास्ता लेने की बात कही। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते बहस ने उग्र रूप ले लिया और मामला हाथापाई तक पहुंच गया।
विवाद बढ़ने पर कथित तौर पर होटल मेफेयर से कुछ बाउंसरों को मौके पर बुलाया गया। बाउंसरों के पहुंचने के बाद स्थिति संभलने के बजाय और बिगड़ गई। इसी बीच दूसरे पक्ष के मो. कुर्बान ने भी फोन कर अपने रिश्तेदारों और परिचितों को बुला लिया। इसके बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और जमकर मारपीट शुरू हो गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क पर काफी देर तक हंगामा होता रहा। इस दौरान बाउंसर भी विवाद में शामिल हो गए और फिर भीड़ ने उनकी भी जमकर पिटाई कर दी। जीरो माइल जैसे व्यस्त इलाके में हुई इस घटना को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुट गए। कुछ देर के लिए इलाके में यातायात भी प्रभावित रहा। मारपीट में दोनों पक्षों के कई लोग घायल हुए हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए पूर्णिया मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (GMCH) ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।
इधर मामले को लेकर कानूनी कार्रवाई भी शुरू हो गई है। नेता के पीए साहिल आनंद के ड्राइवर रोहित यादव के बयान पर सदर थाना में कांड संख्या 341/26 दर्ज कराया गया है। दर्ज प्राथमिकी में 11 लोगों को आरोपी बनाया गया है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने मारपीट की, रंगदारी मांगी और गले से चेन भी छीन ली।

वहीं दूसरे पक्ष के लोगों द्वारा भी पुलिस को आवेदन देने की तैयारी की जा रही है। उनका दावा है कि विवाद की शुरुआत दूसरी ओर से हुई थी और उन्हें भी मारपीट का सामना करना पड़ा। फिलहाल सदर थाना पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि घटना की वास्तविक तस्वीर सामने आ सके। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि विवाद की शुरुआत किसने की और मारपीट के लिए जिम्मेदार कौन था।

Post a Comment

Previous Post Next Post