भारत-नेपाल सीमा पर स्थित भातगांव बॉर्डर बाजार में सोमवार देर रात भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते दर्जनों दुकानें इसकी चपेट में आकर जलकर राख हो गईं। इस अग्निकांड में लाखों रुपये की संपत्ति के नुकसान की आशंका है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग की शुरुआत मछली एवं चिकन व्यवसायी नूर आलम कुरैशी की दुकान में गैस सिलेंडर फटने से हुई। स्थानीय लोगों का दावा है कि आग लगने के दौरान तीन गैस सिलेंडरों में विस्फोट हुआ, जिससे आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास की दुकानों तक फैल गई।
सूचना मिलते ही 41वीं बटालियन एसएसबी भातगांव के जवान मौके पर पहुंचे। वहीं नेपाल के झापा जिले की भद्रपुर नगरपालिका से दमकल टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। एसएसबी जवानों, नेपाली दमकल कर्मियों और स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयास से काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
अग्निकांड में नूर आलम कुरैशी की दुकान और डॉ. समादर की दवा दुकान पूरी तरह जल गई। इसके अलावा कई राशन, कपड़ा और किराना दुकानें भी आग की चपेट में आकर नष्ट हो गईं।
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया। कुछ लोगों का दावा है कि संबंधित दुकान में खुलेआम पेट्रोल भी बेचा जाता था। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन नुकसान का आकलन करने के साथ आग लगने के कारणों की जांच कर रहा है। राहत की बात यह रही कि इस हादसे में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
जनप्रतिनिधियों ने लिया जायजा
मंगलवार को जदयू विधायक गोपाल अग्रवाल, एआईएमआईएम नेता गुलाम हसनैन समेत अन्य जनप्रतिनिधि घटनास्थल पर पहुंचे और पीड़ित दुकानदारों से मुलाकात की। विधायक गोपाल अग्रवाल ने कहा कि दुकान में पेट्रोल रखे जाने के कारण आग ने भयावह रूप ले लिया। वहीं गुलाम हसनैन ने दमकल के देर से पहुंचने का आरोप लगाते हुए अग्निपीड़ितों को उचित मुआवजा देने की मांग की।
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