पूर्णिया जिले के जलालगढ़ थाना क्षेत्र से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने मोबाइल और ईयरफोन के बढ़ते इस्तेमाल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कान में ईयरफोन लगाकर मोबाइल पर गाना सुनना एक 32 वर्षीय युवक को इतना महंगा पड़ा कि उसे अपनी जान गंवानी पड़ी। ट्रेन का हॉर्न सुनाई नहीं दिया और देखते ही देखते युवक मौत के मुंह में समा गया।
मंगलवार सुबह कटिहार-जोगबनी रेलखंड पर जलालगढ़ रेलवे स्टेशन से करीब ढाई किलोमीटर पहले रेलवे फाटक संख्या-27 और 28 के बीच यह हृदयविदारक हादसा हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक रेलवे ट्रैक के किनारे-किनारे पैदल चल रहा था और कान में ईयरफोन लगाकर मोबाइल पर गाना सुन रहा था। इसी दौरान कटिहार से जोगबनी जा रही ट्रेन संख्या 75753 डाउन पैसेंजर ट्रेन पीछे से आ पहुंची।
बताया जा रहा है कि लोको पायलट लगातार हॉर्न बजाता रहा, लेकिन कान में ईयरफोन लगे होने के कारण युवक को ट्रेन के आने का आभास तक नहीं हुआ। कुछ ही सेकंड में तेज रफ्तार ट्रेन ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक का शव ट्रैक पर बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
घटना के बाद ट्रेन चालक ने जलालगढ़ स्टेशन पहुंचकर इसकी लिखित सूचना स्टेशन प्रशासन को दी। स्टेशन अधीक्षक संजीव कुमार ने तत्काल रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और स्थानीय जलालगढ़ थाना पुलिस को मामले की जानकारी दी। सूचना मिलते ही पुलिस और रेलकर्मी घटनास्थल पर पहुंच गए।
हादसे के बाद सबसे बड़ी चुनौती मृतक की पहचान की थी। युवक का मोबाइल ट्रेन की टक्कर से पूरी तरह चकनाचूर होकर ट्रैक पर बिखर गया था। जलालगढ़ थानाध्यक्ष दीपक कुमार ने बताया कि पुलिस ने टूटे हुए मोबाइल के मलबे से सिम कार्ड बरामद किया। सिम को दूसरे मोबाइल में लगाकर परिजनों का नंबर खोजा गया, जिसके बाद मृतक की पहचान संभव हो सकी।
मृतक की पहचान जलालगढ़ थाना क्षेत्र के चक पंचायत अंतर्गत डिग्गी गांव वार्ड संख्या-10 निवासी फकीर ऋषि के 32 वर्षीय पुत्र अशोक ऋषि के रूप में हुई। हादसे की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। रोते-बिलखते परिजन घटनास्थल पर पहुंचे।
मृतक के चचेरे भाई संजय ऋषि और उसकी भाभी ने पुलिस को बताया कि अशोक ऋषि का ससुराल जलालगढ़ के करियात गांव में है। वह सोमवार को अपने ससुराल गया था और मंगलवार सुबह वहां से पैदल अपने घर लौट रहा था। किसी को अंदाजा नहीं था कि घर वापसी का यह सफर उसकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा।
जलालगढ़ थानाध्यक्ष दीपक कुमार ने बताया कि आवश्यक कानूनी प्रक्रिया और पंचनामा तैयार करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (GMCH) पूर्णिया भेज दिया गया है।
घटनास्थल पर आरपीएफ पूर्णिया के एएसआई एस.आर. यादव, जलालगढ़ थाना के एसआई राजीव रंजन, एएसआई संतोष कुमार सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और रेलकर्मी मौजूद रहे। ट्रैक से शव हटाने और आवश्यक कार्रवाई के बाद रेल परिचालन को फिर से सामान्य किया गया।
यह हादसा एक बार फिर चेतावनी देता है कि रेलवे ट्रैक के आसपास मोबाइल और ईयरफोन का इस्तेमाल जानलेवा साबित हो सकता है। कुछ मिनटों का मनोरंजन और लापरवाही किसी परिवार की पूरी दुनिया उजाड़ सकती है। अशोक ऋषि की मौत सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए सबक है जो रेलवे ट्रैक के पास चलते समय मोबाइल और ईयरफोन में खोए रहते हैं।
बाईट: संजय ऋषि, मृतक का भाई
बाईट: अजय ऋषि
बाईट: थाना का चौकीदार
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