कोढ़ा प्रखंड क्षेत्र में आयोजित पंचायत सहयोग शिविर एक ओर जहां आम लोगों की समस्याओं के समाधान का माध्यम बना, वहीं दूसरी ओर कार्यक्रम की सूचना व्यवस्था को लेकर विवाद भी सामने आया है। एमएलसी प्रतिनिधि अखिलेश मेहता ने शिविर की जानकारी समय पर नहीं मिलने पर नाराजगी जताते हुए प्रशासनिक कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं।
अखिलेश मेहता ने कहा कि पंचायत सहयोग शिविर जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी आवश्यक होती है, लेकिन उन्हें कार्यक्रम की कोई सूचना नहीं दी गई। उन्होंने इसे प्रशासन की गंभीर अनदेखी बताते हुए कहा कि सूचना के अभाव में कई जिम्मेदार लोग कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके, जिससे स्थानीय स्तर पर असंतोष की स्थिति उत्पन्न हुई।
इधर, प्रखंड कार्यालय परिसर, नगर पंचायत कोढ़ा के वार्ड संख्या-8 स्थित काली मंदिर प्रांगण तथा बावनगंज पंचायत में आयोजित शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। लोगों ने विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं और समाधान की मांग की। शिविर में विधायक कविता पासवान, जिला परिषद अध्यक्ष रश्मि सिंह, पूर्व मंडल अध्यक्ष डोमन चौधरी, मुखिया बलराम मोहली सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान लाभुकों के बीच जॉब कार्ड, राशन कार्ड, जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र समेत अन्य आवश्यक दस्तावेजों का वितरण किया गया।
हालांकि शिविर के सफल आयोजन के बावजूद सूचना प्रसार को लेकर उठे सवाल क्षेत्र में चर्चा का विषय बने हुए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सभी जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और संबंधित व्यक्तियों को समय पर जानकारी दी जाती तो अधिक से अधिक लोग शिविर का लाभ उठा सकते थे।
एमएलसी प्रतिनिधि अखिलेश मेहता ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में इस प्रकार के आयोजनों की सूचना सभी संबंधित जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं तक समय पर पहुंचाई जाए, ताकि सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ अधिकतम लोगों तक पहुंच सके।
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