कोढ़ा प्रखंड कार्यालय में बाढ़ अनुश्रवण समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड प्रमुख के प्रतिनिधि एवं पंचायत समिति सदस्य मोहम्मद नईम ने की। बैठक में संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने तथा प्रभावित क्षेत्रों में राहत व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में मुख्य पार्षद धीरज कुमार सिंह, अंचल पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, विधायक प्रतिनिधि रमण झा, मो. फारूक, मोहम्मद ईशा, मखदमपुर पंचायत के सरपंच, पंचायत समिति सदस्य, रामपुर के वार्ड सदस्य रंजीत रजक, प्रखंड पशुपालन पदाधिकारी, बिजली विभाग के जेई पंकज ठाकुर, कल्याण पदाधिकारी, मनरेगा पदाधिकारी सहित सभी राजस्व कर्मचारी उपस्थित रहे। वहीं बाढ़ प्रभावित पंचायतों के मुखिया, पंचायत समिति सदस्य एवं सरपंचों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को बिंदुवार अधिकारियों के समक्ष रखा।
मुख्य पार्षद धीरज कुमार सिंह ने बैठक में मखदमपुर पंचायत के नंदग्राम जरलाही क्षेत्र की समस्या उठाते हुए बताया कि हर वर्ष बाढ़ आने पर लगभग 1500 की आबादी प्रभावित होती है। वहीं मधुरा पंचायत के देवकली पैकहा गांव पूरी तरह जलमग्न हो जाता है। उन्होंने इन क्षेत्रों में सरकार द्वारा राहत सामग्री, पशु चारा, दवाइयों एवं कम्युनिटी किचन की समुचित व्यवस्था कराने का प्रस्ताव रखा।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष जिला स्तर पर कम्युनिटी किचन संचालन की व्यवस्था प्रभावी ढंग से नहीं हो पाई थी, जिससे बाढ़ पीड़ितों को काफी परेशानी हुई थी। इस वर्ष यदि बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होती है तो निश्चित रूप से कम्युनिटी किचन संचालित किया जाए ताकि प्रभावित लोगों को समय पर भोजन उपलब्ध कराया जा सके।
बैठक में चिकित्सा पदाधिकारी ने जानकारी दी कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए सांप काटने, कुत्ता काटने समेत अन्य आवश्यक दवाइयों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई है। वहीं पशुपालन विभाग द्वारा पशु चारा उपलब्ध कराने की बात कही गई।
बैठक के अंत में प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि संभावित बाढ़ को लेकर सभी विभाग सतर्क हैं तथा प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
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