पूर्णिया जिले के धमदाहा थाना क्षेत्र के अण्डीटोल गांव में शनिवार सुबह जमीन विवाद ने ऐसा भयावह रूप ले लिया, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। आदिवासी समुदाय के दो पक्षों के बीच लंबे समय से चल रहा विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। आरोप है कि पंचायत का फैसला नहीं मानने पर एक पक्ष ने दूसरे पक्ष के व्यक्ति को खूंटे में बांध दिया और उसका गला रेतने की कोशिश की। इसी दौरान सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई, जिससे उसकी जान बच सकी। घायल व्यक्ति को गंभीर हालत में पूर्णियां मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।
घटना के संबंध में पीड़ित पक्ष के संग्राम सोरेन ने बताया की गाँव के सभी लोगों ने पूर्वज के जमाने से ही जमींदार भोला सिंह के जमीन पर कब्जा कर उसपर अनाज उपजाते और खाते आ रहे हैं। मगर उसके भाई बाबूलाल सोरेन और अशोक सोरेन ने जमींदार से जमीन केवाला ख़रीदगी की। यह बात गाँववालो को नागवार गुजरी। जिसके बाद गाँव में पंचायती बैठी और कुछ लोग बाबूलाल सोरेन और अशोक सोरेन को घर से घसीटकर पंचायत में लाया। पंचायत द्वारा कहा गया कि दोनो ने आदिवासी समाज का नियम कानून तोड़ा हैं। जिस जमीन को जमींदार से छीनकर वे लोग रखे थे, दोनो ने नियम तोड़कर जमीन की रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली है। जिसके बाद पंचायत में दोनो को मौत की सजा का हुक्म दिया गया। गाँववालो ने दोनो को हाथ पीछे बांधकर गला रेतने शुरू किया मगर ऐन मौके पर पुलिस पहुँच गई। हत्या करने से गाँववालो को जब पुलिस रोकने गई तो सभी ने पुलिस टीम पर हमला बोल दिया। अपने आप को घिरा देख पुलिस ने वरीय अधिकारियों को इसकी सूचना दी। जिसके बाद बड़ी संख्या में पुलिस मौके पर पहुँची।
उग्र भीड़ ने पुलिस पर हमला बोल दिया और जमकर पथराव व मारपीट की। इस दौरान पुलिस की तीन गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि पुलिसकर्मियों को अपनी जान बचाकर पीछे हटना पड़ा। घटना में धमदाहा थानाध्यक्ष रविशंकर, डायल-113 के चालक कुंदन कुमार समेत चार पुलिसकर्मी घायल हो गए। सभी घायलों को अनुमंडलीय अस्पताल धमदाहा में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज किया गया।
वहीं खूंटे में बांधकर गला रेतने की कोशिश में घायल व्यक्ति की हालत गंभीर बताई जा रही है। उसे बेहतर इलाज के लिए जीएमसीएच पूर्णिया रेफर किया गया है। इसके अलावा दोनों पक्षों के कई अन्य लोग भी इस हिंसक झड़प में घायल हुए हैं। अस्पताल में घायलों का इलाज जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। धमदाहा एसडीओ अनुपम, एसडीपीओ संदीप गोल्डी, बनमनखी डीएसपी शैलेश प्रीतम समेत अनुमंडल के कई थानों की पुलिस भारी पुलिस बल के साथ गांव पहुंची। घंटों मशक्कत के बाद हालात को नियंत्रित किया गया। पूरे गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
पूर्णियां एसपी स्वीटी सहरावत मामलें की गंभीरता को देखते हुए खुद मौके पर पहुँची और पूरे गाँव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। पुलिस हर गली में गस्त कर रही है, फिलहाल गाँव के सभी पुरुष सदस्य गाँव छोड़कर फरार है। फिलहाल अण्डीटोल गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। हमले और हिंसा में शामिल उपद्रवियों की पहचान की जा रही है तथा कई लोगों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी शुरू कर दी गई है। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और भय का माहौल बना हुआ है।
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