पूर्णिया शहर में चल रहे नाला निर्माण कार्य के दौरान हुई एक बड़ी लापरवाही ने एक परिवार की खुशियां उजाड़ दी। शहर के नेवालाल चौक स्थित हीरो शोरूम के पास निर्माणाधीन नाले में काम कर रहे एक जेसीबी चालक की 33 हजार हाईवोल्टेज तार की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान के.नगर थाना क्षेत्र के फुलखोरी गांव निवासी शुभम यादव के रूप में हुई है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई, जबकि परिजनों ने निर्माण कंपनी, ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार नाला निर्माण कार्य के दौरान तकनीकी माप और लेबल जांच का कार्य इंजीनियर और उसके तकनीकी स्टाफ का होता है, लेकिन यहां यह जिम्मेदारी सीधे जेसीबी चालक शुभम यादव को दे दी गई। बताया जा रहा है कि युवक के हाथ में एल्यूमिनियम का लेबल मापक था और ठीक ऊपर से 33 हजार वोल्ट का हाईटेंशन तार गुजर रहा था। लेबल जांच के दौरान अचानक मापक हाईवोल्टेज तार के संपर्क में आ गया और तेज धमाके के साथ शुभम करंट की चपेट में आकर जमीन पर गिर पड़ा।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसा इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद मजदूर और आसपास के लोग दहशत में आ गए। करंट लगने के बाद शुभम काफी देर तक तड़पता रहा। स्थानीय लोगों ने तुरंत निजी अस्पताल ले जाने की सलाह दी, लेकिन कंपनी के लोग सरकारी अस्पताल ले जाने की बात कहते रहे। लोगों का आरोप है कि समय पर इलाज नहीं मिलने के कारण युवक की मौत हो गई।
घटना के बाद निर्माण कंपनी और ठेकेदार की भूमिका पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण स्थल पर सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं थे। न तो हाईटेंशन तार के नीचे सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था और न ही मजदूरों को किसी प्रकार की सुरक्षा किट उपलब्ध कराई गई थी। लोगों ने आरोप लगाया कि बिना किसी तकनीकी निगरानी के मजदूरों से जोखिम भरा काम कराया जा रहा था।
सबसे बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर 33 हजार हाईवोल्टेज लाइन के नीचे निर्माण कार्य की अनुमति कैसे दी गई। यदि दी गई तो बिजली विभाग और निर्माण एजेंसी ने सुरक्षा के क्या इंतजाम किए थे। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन और विभागीय अधिकारियों की अनदेखी के कारण यह हादसा हुआ है।
घटना के बाद कंपनी के अधिकारी मौके से गायब हो गए। परिजनों का आरोप है कि ठेकेदार और कंपनी के लोग शव को पूर्णिया मेडिकल कॉलेज अस्पताल में छोड़कर फरार हो गए और परिवार को घटना की सही जानकारी तक नहीं दी गई। सूचना मिलने के बाद जब परिजन अस्पताल पहुंचे तो वहां चीख-पुकार मच गई। मृतक की पत्नी बदहवास होकर रोती रही, जबकि परिवार के अन्य सदस्यों का भी रो-रोकर बुरा हाल था।
बताया जा रहा है कि शुभम यादव की शादी महज एक साल पहले हुई थी और उसका एक छोटा बच्चा भी है। परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य होने के कारण उसकी मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना के बाद लोगों में भारी आक्रोश है। स्थानीय नागरिकों और परिजनों ने दोषी ठेकेदार, निर्माण कंपनी और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। परिजनों ने मरंगा थाना में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है।
फिलहाल पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। अब देखना होगा कि इस दर्दनाक हादसे में जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होती है या मामला भी अन्य घटनाओं की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।
Post a Comment