बिहार सरकार राज्य के 11 जिलों में आधुनिक सुविधाओं से युक्त बड़े ग्रीनफील्ड सैटलाइट टाउनशिप का निर्माण करने जा रही है। इसी कड़ी में पूर्णिया सहित चयनित जिलों में जमीन की खरीद-बिक्री, हस्तांतरण और नए निर्माण पर अस्थायी रोक लगाए जाने से लोगों में भ्रम की स्थिति बन गई थी। हालांकि अब टाउनशिप की चौहद्दी सामने आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो गई है और लोगों ने राहत की सांस ली है। पूर्णिया में प्रस्तावित टाउनशिप करीब 27,374 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाएगा। इसमें 1,374 एकड़ कोर क्षेत्र और लगभग 27 हजार एकड़ विशेष क्षेत्र शामिल है। यह परियोजना मुख्य रूप से पूर्णिया पूर्व प्रखंड तथा कृत्यानंद नगर (के.नगर) प्रखंड क्षेत्र में फैली हुई है। इसकी सीमाओं में उत्तर में पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे, दक्षिण में गंगेली पंचायत, पूर्व में कारी कोसी नदी तथा पश्चिम में रहुआ पंचायत शामिल हैं। इस टाउनशिप के दायरे में पूर्णिया पूर्व और के.नगर के कुल 49 गांव आएंगे।
नगर विकास एवं आवास विभाग के निर्देशानुसार चयनित टाउनशिप क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री, हस्तांतरण और नए निर्माण पर रोक तब तक प्रभावी रहेगी, जब तक इन क्षेत्रों का मास्टर प्लान अधिसूचित नहीं हो जाता। सरकार की योजना के अनुसार इस टाउनशिप को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इसके अंतर्गत सड़क, नाला, जल निकासी, बिजली जैसी आधारभूत सुविधाओं को आधुनिक तकनीक से विकसित किया जाएगा। साथ ही शॉपिंग मॉल, छोटे-बड़े पार्क, स्टेडियम और अस्पताल जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रमुख चौक-चौराहों को आकर्षक ढंग से विकसित किया जाएगा और पूरे क्षेत्र के विकास के लिए अलग से एक प्राधिकरण का गठन किया जाएगा।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हरदा स्थित माता कामाख्या मंदिर को “कामाख्या कॉरिडोर” के रूप में विकसित करने की योजना है। इसे राजकीय महोत्सव का दर्जा दिया गया है, जिससे क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधाओं का विस्तार होगा और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इसके अतिरिक्त कृत्यानंद नगर स्थित ऐतिहासिक काझा कोठी को दिल्ली हाट और मिथिला हाट की तर्ज पर एक प्रमुख इको-टूरिज्म स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। लगभग 14 से 15 करोड़ रुपये की लागत से यहां बोटिंग, कैफेटेरिया, म्यूजिकल फाउंटेन और एडवेंचर गतिविधियों की सुविधा विकसित की जाएगी। सरकार का कहना है कि मास्टर प्लान तैयार होने के बाद क्षेत्र में व्यापक विकास कार्य शुरू होंगे, जिससे आधारभूत संरचना मजबूत होगी और क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिलेगी। कनेक्टिविटी के लिहाज से यह टाउनशिप काफी महत्वपूर्ण होगा। प्रस्तावित क्षेत्र के पास एयरपोर्ट पहले से संचालित है, जहां से विभिन्न राज्यों के लिए नियमित उड़ानें संचालित हो रही हैं। इसके अलावा यह क्षेत्र पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे तथा पूर्णिया-खगड़िया एनएच-31 से जुड़ा रहेगा। टाउनशिप से एयरपोर्ट की दूरी लगभग 1 किलोमीटर तथा पूर्णिया जंक्शन और पूर्णिया कोर्ट रेलवे स्टेशन की दूरी करीब 8 किलोमीटर होगी। भविष्य में कुरसेला-बिहारीगंज रेलखंड पर धमदाहा को भी प्रमुख रेलवे स्टेशन के रूप में विकसित किए जाने की योजना है।
इन पंचायत के मौजो में बनेगा टाउनशिप
पूर्णिया पूर्व और कृत्यानंद नगर के जिन क्षेत्रों को टाउनशिप में शामिल किया गया है, उनमें परोरा, गुआसी, देवीनगर, बनभाग, सतकदोेरिया, गनेशपुर, सौसा, काझा, बिठनौली खेमचंद, गंगेली, बहादुरपुर, हरदा, रहुआ, ठहरा, सिसवा, कबैया, जोतालखाय, पिरगंज, अलीनगर, मिर्जाभाग सहित अन्य गांव शामिल हैं।
पूर्णिया जिला अंतर्गत पूर्णियां पूर्व के 4 और के, नगर के 49 चिन्हित कोर और विशेष क्षेत्र के मौजों में ही निबंधन कार्य मार्च 2027 तक प्रभावित रहेगा। शेष जिले में पूर्व की भांति जमीन की खरीद-बिक्री जारी रहेगी।
उमाशंकर मिश्र, जिला अवर निबंधक, पूर्णियां
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