पड़ोसी देश नेपाल में आगामी पाँच मार्च को होने वाले आम चुनाव को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। इसी क्रम में सोमवार की रात्री से भारत-नेपाल की जोगबनी सीमा को दोनों ओर से पूरी तरह सील कर दिया गया है। सीमा सील होते ही सीमावर्ती शहर जोगबनी में सन्नाटा पसर गया है। आम दिनों में चहल-पहल से भरा रहने वाला यह इलाका अचानक शांत और वीरान नजर आ रहा है।
चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से नेपाल प्रशासन ने मतदान से पूर्व सीमा पर सख्ती बढ़ा दी है। सुरक्षा एजेंसियों द्वारा सीमा पार आवागमन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। दोनों देशों के सुरक्षाकर्मी सीमा पर मुस्तैदी से तैनात हैं और हर गतिविधि पर पैनी नजर रखे हुए हैं। सीमा क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी प्रकार की अवांछित गतिविधि को रोका जा सके।
सीमा सील होने का सबसे अधिक असर जोगबनी के बाजारों पर देखा जा रहा है। होली के अवसर पर जहां यह बाजार रंग, गुलाल और खरीदारी की भीड़ से गुलजार रहता था, वहीं इस बार बाजारों में वीरानी छाई हुई है। दुकानदारों के चेहरों पर मायूसी साफ झलक रही है। व्यापारियों का कहना है कि होली के समय हर वर्ष अच्छी बिक्री होती है, लेकिन इस बार सीमा बंद होने के कारण ग्राहकों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है।
जोगबनी रेलवे स्टेशन और जोगबनी हाट में भी असामान्य शांति देखी जा रही है। सामान्य दिनों में यहां यात्रियों और खरीदारों की भीड़ रहती है, लेकिन फिलहाल स्टेशन परिसर और बाजार क्षेत्र लगभग खाली पड़े हैं। सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोग, जिनके आपसी संबंध बेटी-रोटी और व्यापार से जुड़े हैं, इस बंदी से काफी प्रभावित हुए हैं।
होली के मौके पर दोनों देशों के लोग एक-दूसरे के यहां जाकर पर्व की खुशियां साझा करते थे। रंग और उत्साह से सराबोर जोगबनी की गलियां इस समय सूनी नजर आ रही हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सुरक्षा कारणों से सीमा सील करना आवश्यक है, लेकिन त्योहारी माहौल में इस तरह की पाबंदी से लोगों की भावनाओं पर असर पड़ता है।
सुरक्षा बलों की सतर्कता के बीच प्रशासन ने आम लोगों से सहयोग की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि चुनाव संपन्न होते ही स्थिति सामान्य कर दी जाएगी और आवागमन फिर से बहाल होगा।
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