पड़ोसी देश नेपाल के कोशी प्रदेश में गुरुवार को चुनाव शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। समाचार लिखे जाने तक पूरे नेपाल में मतदान के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की सूचना प्राप्त नहीं हुई थी। मतदान को लेकर प्रशासन की ओर से व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी, जिसके कारण पूरे प्रदेश में शांतिपूर्ण वातावरण बना रहा और मतदाताओं ने उत्साहपूर्वक अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
कोशी प्रदेश में मतदान के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। सभी संवेदनशील और सामान्य मतदान केंद्रों पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी तथा प्रशासनिक अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थे। कोशी प्रदेश के डीआईजी बिनोद घीमिरे ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश के सभी जिलों में मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता और मतदाताओं के सहयोग के कारण कहीं से भी किसी तरह की अप्रिय घटना की खबर नहीं मिली है।
डीआईजी ने यह भी बताया कि मतदान केंद्रों पर पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ-साथ विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई थी। संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल लगाए गए थे ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना को पहले ही रोका जा सके। प्रशासन ने मतदान से पहले ही मतदाताओं से शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से मतदान करने की अपील की थी, जिसका व्यापक असर भी देखने को मिला।
इधर नेपाल में चुनाव को लेकर भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में भी सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई थी। सीमावर्ती शहर जोगबनी और आसपास के इलाकों में एसएसबी तथा स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। चुनाव के मद्देनजर भारत-नेपाल सीमा को अस्थायी रूप से सील कर दिया गया था, जिसके कारण सीमावर्ती इलाकों में आवाजाही पर रोक लगा दी गई थी। सीमा पर तैनात सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क रहीं और हर गतिविधि पर पैनी नजर रखती दिखीं।
हालांकि सीमा सील होने की जानकारी के अभाव में कई लोग परेशानी का सामना करते नजर आए। जानकारी के अनुसार भारतीय क्षेत्र से दूर-दराज के इलाकों से आए कई मरीज जोगबनी सीमा पर फंस गए। ये मरीज नेपाल में इलाज कराने के लिए जा रहे थे, लेकिन सीमा बंद होने के कारण उन्हें इंतजार करना पड़ रहा है।
गुरुवार को जोगबनी रेलवे स्टेशन, स्टेशन रोड और आसपास के होटल परिसर में बड़ी संख्या में लोग सीमा खुलने का इंतजार करते नजर आए। इनमें अधिकतर बुजुर्ग महिलाएं और पुरुष शामिल हैं, जो आंखों के इलाज समेत अन्य बीमारियों के उपचार के लिए नेपाल जाने वाले थे। बताया जा रहा है कि करीब सैकड़ों मरीज स्टेशन रोड और स्टेशन परिसर के आसपास बैठे हुए सीमा खुलने का इंतजार कर रहे हैं।
दूसरी ओर नेपाल में इलाज करा चुके कुछ मरीज भारतीय क्षेत्र में लौटने के लिए वहां रुके हुए हैं और सीमा खुलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सीमा बंद होने की प्राप्त सुचना के आभाव के कारण मरीजों को इस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ा है।
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और चुनाव प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने के बाद सीमा को खोलने की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
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