कटिहार। कुरसेला प्रखंड क्षेत्र में बसंत पंचमी के अवसर पर रविवार को मां सरस्वती की प्रतिमाओं का विसर्जन पूरी तरह शांतिपूर्ण, श्रद्धामय एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। प्रखंड के विभिन्न सरकारी-गैर सरकारी शिक्षण संस्थानों, मंदिरों एवं पूजा पंडालों से निकली प्रतिमा विसर्जन यात्राएं प्रशासनिक निगरानी में प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी व थाना अध्यक्ष राकेश कुमार के नेतृत्व में चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था के बीच सम्पन्न कराई गईं। वही अंचल पदाधिकारी सुश्री अनुपम विभिन्न पंडालों का निरीक्षण करते दिखी तथा आदेश पर घाटों पर गोताखोरों की भी नियुक्ति कराई गई थी।
इसी क्रम में कुर्सेला के अयोध्यागंज बाजार में प्रतिमा विसर्जन का एक अनोखा, पारंपरिक और आकर्षक दृश्य देखने को मिला। उल्लेखनीय है कि जिला प्रशासन इस वर्ष डीजे एवं तेज ध्वनि वाले गीतों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया था, जिसे लेकर प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा और निर्देशों का सख्ती से अनुपालन कराया गया।
डीजे पर रोक के कारण कुछ जगह में मायूसी देखी गई, वहीं स्थानीय युवाओं ने सांस्कृतिक परंपराओं को जीवंत रखते हुए ढोल-बाजा एवं नगाड़ों की मधुर धुनों के साथ प्रतिमा विसर्जन यात्रा निकाली। जय मां सरस्वती के जयघोष के बीच पालकी में विराजमान मां सरस्वती की प्रतिमा को लेकर युवक पारंपरिक वाद्य यंत्रों की थाप पर नाचते-गाते कोसी गंगा घाट पहुंचे, जहां नम आंखों से मां की प्रतिमा का विसर्जन किया गया।इस अवसर पर स्थानीय लोगों ने ढोल-नगाड़ों के साथ किए गए विसर्जन को लुप्त होती भारतीय संस्कृति की सुंदर झलक बताया और युवाओं की इस पहल की खुले दिल से सराहना की। लोगों का कहना था कि इस प्रकार के आयोजनों से न केवल धार्मिक आस्था सुदृढ़ होती है, बल्कि हमारी पारंपरिक सांस्कृतिक विरासत भी संरक्षित रहती है। प्रशासन की सतर्कता, पूजा समितियों के सहयोग और युवाओं की समझदारी से कुर्सेला में बसंत पंचमी का प्रतिमा विसर्जन शांति, श्रद्धा एवं उत्साह के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
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