गुरुवार को समाहरणालय स्थित सूचना भवन पूर्णिया में जिला ऊर्दू भाषा कोषांग अपने आवंटित भवन में शिफ़्ट होगया है। बिहार के द्वितीय राज भाषा उर्दू के प्रचार प्रसार एवं विकास के लिए उर्दू भाषा कोषांग का सशक्त होना ज़रूरी है।जिला पदाधिकारी श्री अंशुल कुमार के निर्देशन में जिला उर्दू भाषा कोषांग आवंटित भवन में शिफ़्ट किया गया है।उर्दू भाषा कोषांग का नई बिल्डिंग में शिफ़्ट होने से उर्दू के प्रचार प्रसार के लिए अब ज़िले में पदस्थापित उर्दू अनुवादक सहायक उर्दू अनुवादक एवं उर्दू कर्मियों को अब सुविधा प्राप्त होगा।जहाँ मासिक उर्दू समीक्षा बैठक, उर्दू वाद विवाद प्रोग्राम ,सेमिनार और कवि सम्मेलन मुशायरा के आयोजन में अब आसानी होगी
वहीं आगामी दिनों में जिला पदाधिकारी के दिशा निर्देश में जारी होने वाले सालाना जिला उर्दू नामा 2025-26 की तैयारी में तत्परता आएगा।गुरुवार को विधिवत जिला उर्दू भाषा कोषांग जो की नई बिल्डिंग में शिफ़्ट हुआ है उसका उद्घाटन भी हो गया।ज़िले के उर्दू कर्मी अब कोषांग में एकत्रित होकर संबंधित कार्यों को ससमय निष्ठापूर्वक करने में सक्षम होंगे।अनुवाद पदाधिकारी सह प्रभारी पदाधिकारी श्री हैदर इमाम ने उर्दू भाषा कोषांग नई बिल्डिंग के उद्घाटन के उपरांत बताया कि पहले उर्दू कोषांग सामान्य शाखा के साथ चलता था जहाँ कम जगह रहने की वजह से उर्दू के काम काज में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था
लेकिन अब आसानी होगी द्वितीय राजभाषा उर्दू के प्रचार प्रसार एवं विकास के लिए मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग और उर्दू निदेशालय के तत्वावधान में कई कार्यक्रम का आयोजन होता है। इसी के तहत जिला में जिला उर्दू भाषा कोषांग का गठन हुआ है।जिला पदाधिकारी महोदय के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में उर्दू भाषा कोषांग अपनी नई बिल्डिंग में शिफ़्ट हुआ है इससे जहाँ उर्दू भाषा कोषांग सशक्त होगा वहीं उर्दू के प्रचार के लिए भी राह हमवार होगा इस अवसर पर उर्दू अनुवादक श्री वसीम अहमद एवं कमरुज्जमा समेत अन्य लोग मौजूद थे।



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