कोढ़ा/शंभु कुमार
आशा संयुक्त संघर्ष मंच के आह्वान पर पारितोषिक नहीं मानदेय चाहिए को लेकर शनिवार को भी आशा कार्यकर्ताओं का अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहा। इस दौरान आशा कार्यकर्ता ने स्वास्थ्य केंद्र कोढा के मुख्य द्वार को बंद कर अपनी मांगों के समर्थन में सरकार के विरुद्ध नारेबाजी कर धरना प्रदर्शन की। आशा फैसिलिटेटर कंचन कुमारी, बिन्दु कुमारी, कृष्णा तिवारी, मुनमुन देवी ,मीरा देवी व आदि मौजूद थे।
अनिश्चितकालीन हड़ताल के कारण स्वास्थ्य विभाग पर काफी असर पड़ा है। स्वास्थ्य विभाग का टीकाकरण कार्यक्रम खासकर काफी प्रभावित हो गया है। आशा कार्यकर्ताओं ने कहा कि अपनी नो सूत्री मांगों को लेकर पिछले 12 जुलाई से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं आशा कार्यकर्ताओं ने अपनी नो सूत्री मांगों को लेकर सरकार के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। अपनी नो सूत्री मांगों को रखते हुए कहा कि एक हजार में दम नहीं दस से कम नहीं का नारा देते हुए बताया कि हम लोग घर घर पहुंच कर लोगों को स्वास्थ्य सुविधा दे रहे हैं, लेकिन सरकार हम लोगों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है और हम लोगों को पारितोषिक के तौर पर महज एक हजार रुपये दे रही है।
जिससे भरण पोषण होना मुश्किल इस महंगाई की दौड़ में होना मुश्किल सा दिख रहा है।अगर सरकार के द्वारा हमारी मांगों को नहीं मांगी जाती है तो स्वास्थ्य सेवा ग्रामीण क्षेत्रों में लाभुकों के बिच अनिश्चितकालीन बाधित रहेगी।



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