कोढ़ा/शंभु कुमार
कोढ़ा समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की आशा ने संयुक्त संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर 12 जुलाई से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल के समर्थन में बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ बिहार राज्य आशा-आशा फैसिलिटेटर संघ के बैनर तले नौ सूत्री मांगों को लेकर बुधवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। इस दौरान कोढा की सभी आशाओं ने तीसरे दिन शुक्रवार को केंद्र व राज्य सरकार के विरुद्ध में अपनी मांगों के समर्थन में सरकार को घेरती हुए खुब बरसी । स्वास्थ्य केंद्र पर बैठकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज को बुलंद करती हुई प्रखंड मंत्री कंचन कुमारी आशा फैसिलिटेटर , संयुक्त मंत्री कृष्णा तिवारी, अध्यक्ष विन्दू कुमारी ने अपनी मांगों के समर्थन में गेराबारी के राष्ट्रीय राजमार्ग 31पर पदयात्रा कर सरकार के खिलाफ नारे बाजी कर विरोध प्रदर्शन की ।
आशा मंत्री कंचन कुमारी ने बताई की आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य सेवा की नींव है गर्भवती महिलाओं का प्रसव कराने के लिए रात्रि में आने पर सरकार द्वारा रहने की कोई व्यवस्था अब तक उपलब्ध नहीं कराई गई है।इसके अलावे हमलोगो को हमारी कार्य व बढ़ती मंहगाई को देखते आशा को कम से कम दस हजार प्रति महीना व आशा फैसिलिटेटर को कम से कम पच्चीस हजार रुपए प्रति माह मिलना चाहिए ।वही मोबाइल पर कार्य लेने व बकाया राशि का भी जल्द भुगतान करना होगा। वहीं आशा कार्यकर्ताओं का कहना है कि जब तक उन लोगों की मांगें पूरी नहीं हो जाती, तब तक यह हड़ताल जारी रहेगी। बताते चलें कि कल शुक्रवार को भी आशा कर्मी का तीसरा दिन का हड़ताल जारी है । आशा संघ के प्रखंड मंत्री कंचन कुमारी ने कही कि हमारी मांग है कि सभी आशा कार्यकर्ताओं को पुरस्कार नहीं बल्कि राज्यकर्मी का दर्जा मिले
. इसके साथ ही सभी आशा और फैसिलिटेटरों को दस हजार मासिक वेतन, कोरोना महामारी में मृत आशा कार्यकर्ताओं के परिजनों को चार लाख रुपये का मुआवजा, सभी आशा फैसिलिटेटरों को पेंशन योजना बहाल की जाये एवं सभी को दस हजार रुपये कोरोना भत्ता दिया जाए। मौके पर आशा नूतन कुमारी , अहिल्या देवी,मीरा देवी,रंजु कुमारी, पुष्पा कुमारी,मनिमाला कुमारी,शीला कुमारी,चंदा देवी,बेबी कुमारी,शबनम कुमारी, रचना कुमारी व अन्य सैकड़ों आशा कर्मी मौजूद थे।



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