बायसी/मनोज कुमार
पूर्णियाँ: अमौर प्रखंड क्षेत्र के ज्ञानडोब पंचायत के ज्ञानडोब गांव में मनरेगा में मिट्टी कटाई को लेकर उप मुखिया और ग्रामीणों में काफी आक्रोश ब्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि जो काम मजदूरों से करवाना चाहिए वह काम जेसीबी और ट्रैक्टर द्वारा किया जा रहा है। वही स्थानीय उप मुखिया इनारूल का कहना है कि मुखिया शहाबुद्दीन को जब इस बात की शिकायत की जाती हसि तो उनपर कमीशन मांगने का आरोप लगाकर बदनाम किया जाता है
वहीं उपस्थित ग्रामीणों का कहना है कि मुखिया शहाबुद्दीन ज्ञानडोब पंचायत में अपने मनमानी से कार्य करते हैं मनरेगा कार्य हो या सड़क का निर्माण हो किसी भी काम को वह अपने तरीके से करते हैं। आवेदन देने पर मामला को दबाने का कोशिश किया जाता है। वहीं उप मुखिया का कहना है कि अगर कोई ग्रामीण घटिया काम का विरोध करता है तो सरकारी काम मे बाधा देने के आरोप में केस करने की धमकी दी जाती है।वहीं ग्रामीण और उप मुखिया मिलकर जिला अधिकारी पूर्णिया एवं अनुमंडल पदाधिकारी बायसी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी अमौर और मुख्यमंत्री को लिखित आवेदन दिया हैं
ग्रामीणों में उप मुखिया एनारुल हक,मोहम्मद तारिक,बइनाशार आलम, खुशनवाज आलम जुल्फेकार आलम शामिल थे। इस मामले में मुखिया शाहबुद्दीन ने बताया कि कुछ ग्रामीण सरकारी काम को बाधा डाल रहे हैं। ग्रामीणों का जो भी आरोप है यह सरासर झूठा है हम भी चाहते हैं कि मेरे काम पर अधिकारी द्वारा जांच हो।अब ऐसी स्थिति में पदाधिकारी पर सबकी नजरें टिकी है देखना यह है कि पदाधिकारी के जनक के उपरांत आखिर कौन सच्चा और कौन झूठा साबित होता हैं?



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