रुपौली।विकास कुमार झा
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ड्रीम प्रोजेक्ट योजना में शामिल नल-जल योजना का हाल रुपौली प्रखंड क्षेत्र में बेहाल है। नल-जल योजनाएं से लगाई गई पाइप लाइन एवं टंकी शोभा का वस्तु बनकर रह गई है पंचायतों में। रुपौली प्रखंड क्षेत्र के लक्ष्मीपुर गिरधर पंचायत, मोहनपुर पंचायत, भिखना पंचायत सहित अन्य पंचायतों का हाल बेहाल है। लक्ष्मीपुर गिरधर पंचायत के वार्ड 12,11,10, मोहनपुर पंचायत के वार्ड 6,सहित अन्य वार्ड का हाल बेहाल बना हुआ है। तेज़ धूप,उमस भरी गर्मियों से लोग जहां परेशान हैं वही राह चलते राहगीरों को भी एक बुंद पानी के लिए तरसना पड़ता है।
करोड़ों रुपए खर्च कर पंचायत में नल-जल योजना का कार्य किया गया। लेकिन वह सिर्फ शोभा की वस्तु बनकर रह गई है।जिस समय कार्य हो रहीं थीं उस समय मंत्री अधिकारियों के द्वारा तरह तरह की दावा किए जा रहा था ,नल-जल योजना को लेकर। लेकिन यह नल-जल योजना भी लगता है भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई हो। ग्रामीण क्षेत्रों में जिनके दरवाजे पर नल-जल का प्लांट लगाया गया है,उनका कहना है हम लोगों को प्लांट लगाने के समय कहां गया था, पांच हजार रुपए महीने के तौर आप सबों को पैसा मिलेगा। लेकिन जब से प्लांट लगा है, तब से लेकर आजतक में मात्र छः हजार रुपए दिया गया है। वहीं जब इस मामले को लेकर पीएचडी के जेई जय प्रकाश से बात किए तो उन्होंने बताया नल जल योजना बंद होने की जानकारी नहीं है, दिखवा लेते हैं जहां बंद है वहां जल्द चालू करवा दिया जाएगा।
वहीं आपको बताते चलें जब नल जल योजना का कार्य चल रही थी उस समय कई सफेदपोश एवं अधिकारियों की मदद से इस योजना में संबंधित ठेकेदार अपना गिद्धों वाली नज़र गड़ाए बैठे गए। जिसके वजह से आज़ इस महत्वपूर्ण योजना का हाल बेहाल बना हुआ है। वहीं जिला गोपनीय एवं राज्य मुख्यालय से पंचायत में सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की भौतिक जांच करवाई जाती है सप्ताह में। लेकिन यह जांच सिर्फ कागजों पर ही होकर रह जाती है। धरातल पर आकर जांच करने वाले पदाधिकारी अपना कलमी ,कागज़ी ,मोबाइल की घोड़ा दौड़ाकर निकल जाते हैं।



रूपौली प्रखण्ड के भिखना पंचायत के पकड़िया गांव के वार्ड नं० 01 का तो कभी चलता ही नही है, हमको लगता है पूरे बिहार यही एक नल जल योजना है जो कभी चलता ही नही है।
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