किशनगंज में एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आई हैं, जहाँ खेलने के दौरान बार बार हल्ला किये जाने से परेशान बड़ी माँ ने 8 वर्षीय बच्ची की गला दबाकर हत्या कर दी।
घटना किशनगंज जिले के दिघलबैंक प्रखंड के कोढ़ोबारी थाना क्षेत्र के दुर्गापुर गाँव की है।
बताया जाता है कि दुर्गापुर गाँव की मो.शकील की 8 वर्षीय बेटी शैली प्रवीण घर से अचानक गायब हो गई। बच्ची को घर मे न देखकर परिजन आसपास ढूंढने लगे। मगर बच्ची नहीं मिली। जिसके बाद पूरा गांव मिलकर बच्ची को ढूंढने लगें। इसी बीच परिजन ने पुलिस को सूचना दी। फिर पुलिस और ग्रामीण 2 दिनों तक बच्ची को ढूंढते रहे मगर बच्ची नहीं मिली। वही 2 दिनों के बाद बच्ची की चचेरी बहन मक्का के खेत मे गई तो वहाँ बच्ची का शव पाया। शव मिलने की सूचना पर पुलिस व ग्रामीण मौके पर पहुँचे, जहाँ बच्ची का शव मच्छरदानी से लिपटा हुआ पाया गया। घटना की सूचना पर एफएसएल की टीम मौके पर पहुँची और सबूत को इकट्ठा की। जाँच के क्रम में पाया गया कि बच्ची का एक हाथ और एक पैर टूटा हुआ हैं। ग्रामीणों को लगा कि किसी ने बच्ची के साथ गलत की हैं। मगर पुलिस ने इन बातों को खारिज कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम हेतु किशनगंज भेज दिया और लोगो से पूछताछ करने लगी। वहीं घटना के बाद गाँव मे दहशत का माहौल हो गया, परिजन घर से बाहर बच्चियों को निकलना बंद करवा दिया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए किशनगंज एसपी संतोष कुमार खुद घटनास्थल पर पहुँचे और परिजन से पूछताछ की। पूछताछ में यह पता चला कि बच्ची अपने 10 वर्षीय चचेरे भाई के साथ अंतिम बार खेलते हुए देखी गई थी। वहीं जब बच्चें से इस संबंध में पूछा गया तो उसने साथ खेलने पर बार बार इनकार करता रहा। जिसके बाद पुलिस का जाँच 10 वर्षीय चचेरे भाई पर ही आकर रुक गया। वही पुलिस ने जब एफएसएल टीम द्वारा घटनास्थल पर जुटाए गए शव का मुआयना किया तो एक टूटा हुआ चप्पल पाया गया। जब परिजन को चप्पल दिखाया गया तो सभी ने फौरन चप्पल को पहँचान लिया। टूटा हुआ चप्पल मृतक बच्ची की बड़ी माँ (चाची) हैरून निशा का था। वहीं पुलिस ने जब हैरून निशा से पूछताछ शुरू की तो वह बार बार पुलिस को अलग अलग कहानी सुना रही थी। जिसके बाद मिले सबूत और बार बार बयान बदलने के बाद का शक और गहरा हो गया । महिला के 10 वर्षीय बच्चें को जब सामने रखकर पूछताछ की गई तो महिला की सारी पोल खुल गई।
दरअसल, मृतका शैली प्रवीण अपने चचेरे भाई के साथ अपने बड़ी माँ के घर मे खेल रही थी। बार बार दोनो भाई बहन हल्ला कर रहे थे। वही उसकी बड़ी माँ हैरुन निशा कुछ काम कर रही थी। वह बार बार हल्ला करने से शैली प्रवीण को मना कर रही थी। जब बच्ची ने हल्ला करना नहीं छोड़ा तो उसकी बड़ी माँ को गुस्सा आ गया और शैली प्रवीण को उठाकर जमीन पर पटक दी। महिला पर गुस्सा इतना हावी हो गया था फिर बच्ची के सीने पर चढ़कर गला दबा दिया। महिला ने यह सब अपने 10 वर्षीय बेटे के सामने ही अंजाम दे डाला। वहीं महिला ने अपने बेटे को इस बारे में किसी को न बताने को कहा। वहीं घर मे शव पड़े होने पर हैरुन निशा घबरा गई। इधर परिजन बच्ची को ढूंढने में भी लग गए थे। हैरुन को शक था कि परिजन ढूंढते हुए उसके घर भी आ सकते है तो उसने बच्ची को गोदरेज में छुपा दिया। बच्ची गोदरेज में पूरी तरह नहीं आने पर एक पैर और एक हाथ तोड़कर अंदर डाल दिया। महिला बच्ची के शव को एक दिन गोदरेज में रखी फिर दूसरे दिन रात में मच्छरदानी में लपेटकर घर से 500 मीटर की दूरी पर मक्का के खेत मे फेंक दिया। वहीं भागने के दौरान एक चप्पल भी टूट गया जो घटनास्थल पर ही छूट गया।
घटना को लेकर किशनगंज एसडीपीओ-2 मंगलेश कुमार ने बताया कि महिला के खिलाफ काफी सबूत मिले है। घर से खून लगे कपड़े भी बरामद हुए हैं। बार बार अपना बयान बदलने पर महिला पर पहले ही शक हो गया था। महिला ने अपना जुर्म कबूल कर लिया हैं और पुलिस ने न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। हैं। घटना उजागर होते ही गाँव वाले भी स्तब्ध हैं, आखिर एक छोटी सी बात पर एक बड़ी माँ बच्चे के साथ इस तरह की घटना को कैसे अंजाम दे सकती हैं।
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