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SP मनोज कुमार ने अंतरराष्ट्रीय कुख्यात अपराधी रामकुमार यादव,को किया गिरफ्तार

सुपौल से बलराम कुमार की रिपोर्ट
सुपौल: मामला अंतरराष्ट्रीय कुख्यात अपराधी से जुड़ा हुआ है।कुख्यात अपराधी रामकुमार यादव,   क्राइम करने के लिए क्राइम सरगना में कई नाम से जाना जाता था।
ये अपराधी पुलिस से बचने के लिए अपना कई नाम रखा था।
भारत नेपाल सीमावर्ती क्षेत्र को लेकर मोके का फायदा उठता था।साथ हीं क्राइम करने के लिए भारत नेपाल में क्राइम सरगना का जाल बिछाए हुए था।भारत नेपाल पुलिस के लिए सरदर्द बना कुख्यात अंतरराष्ट्रीय अपराधी रामकुमार यादव,उर्फ आर के यादव,उर्फ नेपाली उर्फ माओवादी की गिरफ्तारी के बाद दोनों ही देश के सीमावर्ती इलाके के लोगों ने चैन की सांस ली है।रामकुमार यादव,के साथ अपराध जगत से जुड़े इनके दो अन्य साथियों को भी पकड़ा है।उसे भी पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज दिया
सुपौल SP, मनोज कुमार ने बताया की रामकुमार यादव, को इंटरपोल काफी दिनों से तलाश रही थी। कुख्यात अपराधी की गिरफ्तारी को लेकर इंटरपोल की तरफ से रेड कॉर्नर भी जारी किया गया था।नेपाल और भारत के सीमाई इलाके में दहशत का पर्याय बन पुलिस को चकमा देने में माहिर गिरोह के सरगना व गुर्गे की गिरफ्तारी में सुपौल पुलिस की भूमिका प्रशंसनीय है।गिरोह को पकड़ने में शामिल विशेष टीम को प्रशंसा पत्र के साथ पुरस्कृत किये जाने की घोषणा भी की है।
SP, मनोज कुमार,ने ये भी बताया की इस घटनाक्रम को लेकर उक्त गिरोह द्वारा नेपाल के सिरहा जिले के सोमनाथ यादव,बेरियापट्टी 05, झिझोल का अपहरण कर भारतीय भूभाग में लाकर व हत्या कर देने से जुड़े मामले में अपहर्ताओं की गिरफ्तारी व स्वीकारोक्ति बयान के बाद पूरे घटनाक्रम को उजागर किया गया है
नेपाल से अपहृत किये गए सोमनाथ के अपहरण को लेकर नेपाल पुलिस आरके की तलाश काफी दिनों से कर रही थी।
लेकिन नजदीकी सरहद का फायदा उठाते हुए अपहर्ताओं ने सोमनाथ को मधुबनी के कुछ स्थानों व सुपौल में छुपा कर रखे जाने की सूचना भारतीय पुलिस को दी गई थी।
इसके बाद सकुशल रिहाई को लेकर सुपौल पुलिस की गठित टीम द्वारा धड़पकड़ तेज कर दी गई।बताया गया कि 09,अप्रैल 2021,को नेपाल स्थित सिरहा से सोमनाथ यादव, का अपहरण कर लिया गया था।अपहरण के बाद डेढ़ करोड़ नेपाली करेंसी की मांग अपहर्ताओं ने परिजनों से की थी।
हाई प्रोफाइल घटना के बाद सक्रिय हुई नेपाली पुलिस की दबिश के बाद अपहर्ता सोमनाथ को लेकर भारतीय सीमा में प्रवेश कर गए थे।टीम को सूचना मिली कि अपहर्ताओं ने सोमनाथ को निर्मली थाना अंतर्गत महुआ में उमेश यादव,के मवेशी चारा रखने के लिए बनाए गए घर मे छुपा कर रखा गया है।जिसके बाद निर्मली थाना में रामकुमार यादव, सहित अन्य पांच के विरुद्ध मामला दर्ज कर लिया गया। कांड में शामिल एक अपराधकर्मी सतीश कुमार यादव, विशनपुर फुलकाही थाना फुलपरास जिला मधुबनी की गिरफ्तारी ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार करते हुए सोमनाथ अपहरण की पूरी कहानी पुलिस के समक्ष रख दी।स्वीकारोक्ति बयान में सतीश ने हर राज पर से पर्दा हटाते हुए बताया कि पुलिस के बढ़ते दबाव व गिरफ्तारी के भय से सोमनाथ की हत्या गोलीमार कर कर दी गई
साथ हीं लाश को कोसी नदी में बहा दिया गया।
सतीश के इस बयान के बाद गोताखोरों की मदद से कोसी नदी से शव बरामदगी का प्रयास किया गया लेकिन नदी में बढ़ते पानी की वजह से लाश नही मिल सकी।
हत्या के प्रमाणिकता को लेकर साक्ष्य संकलन के लिए घटना के मुख्य अभियुक्त रामकुमार यादव,के ससुराल से सोमनाथ यादव,का मोबाइल बरामद करते हुए रामकुमार यादव, को पकड़ कर गुड़गांव हरियाणा से घटनास्थल पर लाया गया।
जिसे सत्यापित करने हेतु सोमनाथ के परिजन व नेपाली पुलिस से पहचान कराई गई।बाद घटना में उपयोग में लाये गए स्कार्पियो एवं शामिल एक अन्य अपराधी रामानंद यादव, पिता हरेराम यादव,साकिन जटही टेंगरार मधुबनी को भी गिरफ्तार कर लिया गया। अपहरणकांड का खुलासा करते हुए सुपौल पुलिस के मुताबिक मुख्य सरगना रामकुमार यादव,पर भारत में खासकर सुपौल व मधुबनी जिले में दर्जनों मामले दर्ज है।
वही अपने कारनामो से लोगों में दहशत कायम करने में अब तक सफल रहे
कुख्यात अपराधी रामकुमार यादव, पर नेपाल में भी अपहरण, हत्या, डकैती,बम ब्लास्ट, हथियार तस्करी,सहित अन्य दर्जनों मामले दर्ज है।साथ हीं एक मामले में आजीवन कारावास की भी सजा सुनाई गई है।लेकिन पुलिस के गिरफ्त से बाहर था।
अंतरराष्ट्रीय पुलिस के लिए सरदर्द बना रामकुमार यादव,नेपाली भूमिगत संगठन का सैन्य कमांडर भी बताया जा रहा है।सीमाई इलाके में रामकुमार यादव, का दबदबा वर्षो से कायम था।बढ़ते आपराधिक गतिविधि के बाद नेपाल पुलिस ने कुख्यात की गिरफ्तारी के लिए इंटरपोल की मदद मांगी इसके बाद ही रामकुमार पर रेडकोर्नर जारी किया गया।
पकड़ा गया कुख्यात रामकुमार उर्फ आर के सुखीपुर नेपाल के सिरहा जिले के फुलकाहापट्टी थाना सुखीपुर का रहने वाला बताया जा रहा है।इस पूरे घटनाक्रम के उद्भेदन के लिए बनाए टीम में शामिल सभी पुलिस अधिकारी एवं पुलिसबल को उल्लेखीनय कार्य करने के लिए प्रशंसा पत्र दिया गया।

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