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सेना की बहाली न निकलने से युवाओं में निराशा- विवेक मिश्रा

भारतीय सेना हमारे देश के हर परिस्थिति में अपनी अहम महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है हमारे जवान देश के मातृभूमि जिसे हम सब भारत माँ कह्ते है उस पर आजादी के लिए बलिदान या यू कहे अपने प्राणों को न्यौछावर करने को तैयार रहते हैं लेकिन हर वो किसान का बेटा जो आर्थिक स्थिति से कमजोर है देश सेवा से प्रेम और सेवा के अलावा कुछ कर नहीं सकता या जिसे अपने देश से प्यार है और देश के लिए शांति और अमन के लिए अपने जीवन के कुछ अंशों का योगदान व समर्पित करना चाहता है देश की सेवा करना चाहता है एव हर वह लड़का जब आधी दुनिया सोती है तो वह गांव के पगडंडियों और उबड़ खाबड़ पथरीली रास्तों में सुबह 3:00 बजे उठकर वह देश की सेवा के लिए जी तोड़ तैयारी करता है और भर्ती न आने के कारण संघर्षरत मे असंतोष एव निराशा है विवेक गोलू कहते हैं इस महामारी के बीच काफी अंतरालों के बाद भी उम्मीदवारों को भर्ती देखने को नहीं मिली जो कि हर एक नयी किरण के साथ सरकार के फैसले सुनने के लिए हर सिपाही आज भी मेहनत पूरी संलग्नता और लगन से अपने कर्म और देश सेवा मे योगदान देने के लिए तत्पर है गोलू बताते है कि हर साल ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र के युवा सेना में भर्ती होने के लिए लाखों की तादात पर बेहिसाब मेहनत करते हैं और संघर्ष करते हैं लेकिन दुर्भाग्य इस बात का है कि इस महामारी के बीच जो युवा सेना में सम्मिलित होने की उम्र (17  से 23) की उम्र रहती है वह भर्ती न आने कारण पार कर चुके हैं या हेर-फेर पर है मैं केंद्र राज्य सरकार से विनम्र निवेदन करता हूं कि ऐसे लोगों को 2 साल की छूट दी जाए जिससे उनको इंसाफ मिल सके संघर्ष करने वालों को देश सेवा का मौका मिल सके जब इस देश में एक किसान बड़े तड़का से खेत में किसानी करता है और हमेशा समाज देश के प्रति अपनी सार्वभौमिकता का पालन करता है जिससे देश में 130 करोडों मनुष्यों को भोजन प्राप्त हो सके एव सम्प्रभुता बनी रहे और उसी प्रकार एक सैनिक देश की रक्षा करता है जिसे देश में सम्प्रभुता एव अखंडता सुरक्षित रहे तभी यह संसार और यहां के लोग सुरक्षित है सजग है परंतु इस महामारी में केंद्र राज्य सरकार व्यस्तता के कारण देश में अर्थव्यवस्थाओं को सुचारू रूप से चलाने के कारण जो भर्ती पर रोक या नहीं निकाल पायी है लेकिन समस्त युवाओ का कहना है कि भर्ती जल्द चालू किया जाए लेकिन सरकार अब सभी उम्मीदवारों युवाओ की उम्मीद ना तोड़ते हुए सरकार भर्तियों का आयोजन करें एवं संघर्षरहित सिपाहियों का चयन करें आज हर क्षेत्र में हजारों लाखों उम्मीदवार इसी बात की आस लगाए बैठे हैं कि सरकार के द्वारा देश और युवकों के प्रति जल्दी ही फैसला लिया जाएगा और उनको एक मौका दिया जाएगा ग्रामीण एव शहरी युवाओ में असंतोष एव निराशा व्याप्त है और तैयारी करने वाले सभी उम्मीदवारों मे ज़न आक्रोश व्याप्त है मैं भारत सरकार से निवेदन करता हूं की भर्तियों का शुभारंभ जल्दी किया जाना चाहिए और उम्र में छूट भी दी जानी चाहिए भारतीय सेना देश के रियल हीरो है जो देश के प्रति अपना घर परिवार और अपनी जान तक दाव पर लगा देते है एव प्रेरित करते है कि देश सर्वोपरी है

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