फलका प्रखंड के सालेहपुर-महेशपुर गांव में आयोजित तीन दिवसीय ऐतिहासिक तब्लीगी इज्तेमा के दूसरे दिन रविवार को अकीदतमंदों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही देश के विभिन्न हिस्सों से लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। आयोजकों के अनुमान के मुताबिक, जोहर की नमाज में पांच लाख से अधिक अकीदतमंदों ने एक साथ सफों में खड़े होकर नमाज अदा की। इस दौरान मुल्क में अमन-चैन, आपसी भाईचारे, इंसानियत और पूरी दुनिया में शांति कायम रहने की दुआ मांगी गई।
इज्तेमा में कटिहार, पूर्णिया, सहरसा, मधेपुरा, सुपौल और मधुबनी समेत बिहार के विभिन्न जिलों से तब्लीगी जमातों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। बाहर से आने वाले मेहमानों के स्वागत में स्थानीय लोग और स्वयंसेवक जुटे हैं। फलका बाजार और रहमत नगर के आसपास विभिन्न स्थानों पर लोगों को चाय, पानी और बिस्कुट देकर स्वागत किया जा रहा है। इससे मेहमाननवाजी और आपसी सौहार्द की मिसाल देखने को मिल रही है।
सुरक्षा से लेकर सुविधाओं तक पुख्ता इंतजाम
लाखों की भीड़ को देखते हुए पुलिस-प्रशासन अलर्ट है। इज्तेमा स्थल और आसपास के प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल व दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है। यातायात नियंत्रण, वाहनों की आवाजाही और पार्किंग के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। आयोजन समिति के सदस्य और स्वयंसेवक भीड़ को व्यवस्थित करने के साथ लोगों को जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने में जुटे हैं।
अकीदतमंदों के ठहरने, पेयजल, भोजन और साफ-सफाई की व्यवस्था की गई है। विशाल पंडाल में बैठने और नमाज अदा करने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं। आयोजन समिति की ओर से लोगों से स्वच्छता बनाए रखने और परिसर में गंदगी नहीं फैलाने की अपील की जा रही है।
आयोजकों के अनुसार, तीन दिवसीय इज्तेमा का समापन सोमवार को सामूहिक दुआ के साथ होगा। दूसरे दिन उमड़ी भारी भीड़ के बीच आयोजन स्थल पर धार्मिक गतिविधियां जारी रहीं। इज्तेमा के माध्यम से एकता, भाईचारे, शांति और इंसानियत का संदेश दिया जा रहा है।
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