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जहां कभी चलता था अपराधियों का राज, वहां फिर पकड़ी गई गन फैक्ट्री

 

रूपौली/बालमुकुन्द यादव 

पूर्णियां : कभी अपराध और अवैध हथियारों के कारोबार को लेकर 'मिनी चंबल' के नाम से चर्चित रहा रुपौली-भवानीपुर का इलाका एक बार फिर सुर्खियों में है। इस इलाके में लगातार मिनी गन फैक्ट्रियों का खुलासा होना और स्थानीय लोगों की कथित संलिप्तता सामने आना पुलिस के लिए भी बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। ताजा मामला रूपौली थाना क्षेत्र के मैना भगवानपुर वार्ड संख्या-6 का है, जहां पुलिस ने एक घर में छापेमारी कर अवैध हथियार बनाने की मिनी फैक्ट्री का उद्भेदन किया है। मौके से भारी मात्रा में निर्मित और अर्द्धनिर्मित हथियार, 80 जिंदा कारतूस तथा हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीनें और उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस ने इस कार्रवाई में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जबकि एक विधि विरुद्ध बालक को निरुद्ध किया गया है।पुलिस के अनुसार, वरीय पुलिस अधीक्षक को इलाके में अवैध हथियार निर्माण की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद उनके निर्देश पर विशेष छापेमारी टीम गठित की गई। टीम ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी धमदाहा अजीत प्रताप सिंह चौहान के नेतृत्व में अक्कल मंडल उर्फ अखिलेश मंडल के घर पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान घर में हथियार बनाने का पूरा इंतजाम मिला। पुलिस ने मौके से हथियारों के साथ उन्हें तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली मशीनें और कई उपकरण जब्त किए।

एक मस्कट, सात कट्टे और एक रिवॉल्वर बरामद

छापेमारी के दौरान पुलिस को एक 12 बोर का देशी मस्कट, सात देशी कट्टे और एक सिक्सर/रिवॉल्वर मिला। इसके अलावा 12 अर्द्धनिर्मित बैरल, पांच कट्टों के अर्द्धनिर्मित पिछले हिस्से और चार अगले हिस्से बरामद किए गए। बरामदगी से स्पष्ट हुआ कि यहां केवल हथियार छिपाकर नहीं रखे गए थे, बल्कि हथियार तैयार करने का काम भी किया जा रहा था।

80 जिंदा कारतूस के साथ हथियार बनाने की मशीनें जब्त

पुलिस ने मौके से 12 बोर के 28 और 7.62 एमएम के 52 कारतूस बरामद किए। इस तरह कुल 80 जिंदा कारतूस पुलिस के हाथ लगे। इसके अलावा खाली खोखे और कारतूस के अन्य हिस्से भी मिले हैं। हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाली इलेक्ट्रॉनिक लेथ मशीन, ड्रिल मशीन, वेल्डिंग मशीन समेत विभिन्न प्रकार की मशीनें और उपकरण जब्त किए गए। पुलिस ने दो मोबाइल फोन और 25 हजार रुपये नकद भी बरामद किए हैं।

2003 में भी हत्या और आर्म्स एक्ट का दर्ज है मामला

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार अक्कल मंडल उर्फ अखिलेश मंडल (46 वर्ष) का आपराधिक इतिहास भी रहा है। उसके खिलाफ रूपौली थाना में वर्ष 2003 में हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। इस संबंध में 11 फरवरी 2003 को कांड संख्या 18/03 दर्ज हुआ था और 31 अक्टूबर 2003 को आरोप पत्र समर्पित किया गया था।

स्थानीय स्तर पर हथियार निर्माण पुलिस के लिए चुनौती

रूपौली और भवानीपुर का इलाका पूर्व में अपराध और अवैध हथियारों को लेकर 'मिनी चंबल' के नाम से जाना जाता रहा है। अब एक बार फिर इसी क्षेत्र में घर के भीतर मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा होने से इलाके में अवैध हथियार निर्माण के नेटवर्क को लेकर सवाल उठने लगे हैं। सबसे अहम बात यह है कि इस तरह के मामलों में स्थानीय लोगों की संलिप्तता सामने आ रही है। हालांकि, इस फैक्ट्री से तैयार हथियार कहां भेजे जाते थे, किन लोगों तक इनकी आपूर्ति होती थी और इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है या नहीं, इसका खुलासा पुलिस की आगे की जांच में हो सकता है।छापेमारी दल में एसडीपीओ अजीत प्रताप सिंह चौहान, रूपौली अंचल के पर्यवेक्षी पदाधिकारी कुंदन कुमार चौधरी, सहकारिता प्रसार पदाधिकारी सह प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी पंकज कुमार, रूपौली थानाध्यक्ष अभय रंजन, मोहनपुर थानाध्यक्ष पंकज प्रताप सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी और सशस्त्र बल शामिल थे।

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