पूर्णियाँ /बालमुकुन्द यादव
बिहार की राजनीति में एक बार फिर पूर्व मंत्री बीमा भारती के बेटे राजा मंडल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पूर्णिया जिले के भवानीपुर थाना क्षेत्र में एक कारोबारी ने राजा मंडल और उनके सहयोगियों पर नाबालिग बेटे को जबरन गाड़ी में बैठाकर ले जाने की कोशिश, मारपीट और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित का दावा है कि उसने पुलिस को बातचीत की दो ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सौंपी हैं। मामला सामने आने के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, पूर्व मंत्री बीमा भारती ने अपने बेटे पर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया है। पुलिस का कहना है कि आवेदन और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।मामला पूर्णिया जिले के भवानीपुर थाना क्षेत्र के भवनदेवी टोला, वार्ड संख्या-09 का बताया जा रहा है। पीड़ित मोहम्मद बबलू के अनुसार, 19 अक्टूबर की शाम राजा मंडल अपने तीन-चार सहयोगियों के साथ फॉर्च्यूनर गाड़ी से दुर्गापुर चौक स्थित उनकी लकड़ी एवं फर्नीचर दुकान पर पहुंचे थे। पीड़ित का आरोप है कि गाड़ी पर पूर्व विधायक का बोर्ड लगा हुआ था।बबलू के मुताबिक, दुकान परिसर में बैठकर शराब पीने के लिए जगह खाली करने को कहा गया। उन्होंने और उनके परिजनों ने इसका विरोध किया। इसी बात को लेकर विवाद हुआ। आरोप है कि इसके बाद राजा मंडल और उनके सहयोगी वहां से चले गए तथा उन्हें देख लेने की धमकी दी।पीड़ित के आवेदन में आरोप लगाया गया है कि उसी रात करीब नौ बजे राजा मंडल अपने सहयोगियों के साथ दोबारा उनकी दुकान पर पहुंचे। उस समय बबलू का 15 वर्षीय बेटा महताब आलम कमरे में सो रहा था।बबलू का आरोप है कि आरोपियों ने उनके बेटे को जबरन गाड़ी में बैठाकर ले जाने की कोशिश की। इस दौरान नाबालिग के शोर मचाने पर आसपास के लोग जुटने लगे। स्थिति बिगड़ती देख डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी गई। पीड़ित पक्ष का दावा है कि पुलिस को सूचना दिए जाने के बाद आरोपी वहां से चले गए।इस घटना के बाद परिवार ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। हालांकि, नाबालिग को जबरन ले जाने की कोशिश से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
फोन पर धमकी देने का आरोप, दो ऑडियो रिकॉर्डिंग पुलिस को सौंपी
मोहम्मद बबलू ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि घटना के बाद फोन पर उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़ित पक्ष का दावा है कि राजा मंडल के साथ हुई बातचीत में मार देने और उठवा लेने जैसी बातें कही गईं।बबलू ने भवानीपुर थाने में लिखित आवेदन देने के साथ दो कथित ऑडियो कॉल रिकॉर्डिंग और संबंधित मोबाइल नंबरों का विवरण भी पुलिस को सौंपने की बात कही है। इन रिकॉर्डिंग को लेकर सोशल मीडिया पर भी चर्चा हो रही है।
बीमा भारती ने आरोपों को बताया बेबुनियाद, सामने रखा अपना पक्ष
पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री बीमा भारती ने अपने बेटे राजा मंडल पर लगाए गए आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि मोहम्मद बबलू ने ही उनके बेटे की गाड़ी रोककर अभद्र व्यवहार किया और गाली-गलौज की थी।बीमा भारती के मुताबिक, इस संबंध में थाने में शिकायत की गई है। इस तरह एक ही घटना को लेकर दोनों पक्षों के आरोप अलग-अलग हैं। जहां बबलू ने नाबालिग बेटे को जबरन गाड़ी में बैठाने की कोशिश और धमकी देने का आरोप लगाया है, वहीं बीमा भारती ने अपने बेटे पर लगाए गए आरोपों को गलत बताते हुए दूसरे पक्ष पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है।अब पुलिस जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि विवाद की शुरुआत कैसे हुई, घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ और दोनों पक्षों की शिकायतों में कितनी सच्चाई है।
पुलिस बोली- आवेदन मिला, तकनीकी जांच के बाद होगी कार्रवाई
भवानीपुर थानाध्यक्ष पुरुषोत्तम कुमार ने बताया कि मामले में आवेदन प्राप्त हुआ है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।वहीं, धमदाहा के एसडीपीओ अजीत प्रताप सिंह चौहान के अनुसार, आवेदन और कॉल रिकॉर्डिंग के आधार पर तकनीकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने निष्पक्ष तरीके से कानूनी कार्रवाई किए जाने की बात कही है।पुलिस के सामने अब कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग की प्रामाणिकता की जांच, संबंधित मोबाइल नंबरों का सत्यापन, घटना के समय की परिस्थितियों का पता लगाना और दोनों पक्षों के दावों की पड़ताल करना अहम होगा।
गोपाल यादुका हत्याकांड में भी सामने आया था राजा मंडल का नाम
राजा मंडल का नाम इससे पहले जून 2024 में पूर्णिया के चर्चित हार्डवेयर व्यवसायी गोपाल यादुका हत्याकांड के सिलसिले में भी सामने आया था। उस मामले में उन पर हत्या की सुपारी देने का आरोप लगा था और वह जेल भी जा चुके हैं।भवानीपुर की इस घटना ने एक बार फिर स्थानीय राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। एक ओर कारोबारी परिवार ने नाबालिग बेटे की सुरक्षा और कथित धमकी को लेकर गंभीर शिकायत की है, वहीं दूसरी ओर पूर्व मंत्री बीमा भारती ने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए अपना पक्ष रखा है।फिलहाल पुलिस को शिकायत और कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर जांच करनी है। सबसे बड़ा सवाल यही है कि 19 अक्टूबर की रात दुकान पर वास्तव में क्या हुआ, क्या नाबालिग को जबरन ले जाने की कोशिश की गई और कथित फोन कॉल में किसने क्या कहा। इन सवालों का जवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आ सकेगा।

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