पूर्णिया जिले के पुलिस परिवार परामर्श केंद्र में पति-पत्नी के बीच घरेलू विवाद का एक अनोखा मामला सामने आया। कोढ़ा थाना क्षेत्र के सिरसिया बस्ती निवासी एक पति ने अपनी पत्नी के खिलाफ आवेदन देकर आरोप लगाया कि उसकी पत्नी रोजाना सुबह करीब 10 बजे सोकर उठती है, जिससे पूरे परिवार की दिनचर्या प्रभावित हो जाती है। समय पर नाश्ता और भोजन नहीं बनने के कारण घर के सभी सदस्य परेशान रहते हैं।
पति ने आवेदन में यह भी कहा कि पत्नी को कुछ समझाने पर वह गाली-गलौज करने लगती है और तुरंत अपनी मां को फोन कर ससुराल वालों की शिकायत करने लगती है। पति का आरोप था कि पत्नी के मायके वालों का अनावश्यक हस्तक्षेप भी पारिवारिक विवाद की बड़ी वजह है।
वहीं, के.नगर थाना क्षेत्र के गोकुलपुर बस्ती निवासी पत्नी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि ससुराल में उसका उचित भरण-पोषण नहीं किया जाता था। इसी कारण वह शादी के बाद तीन महीने से अधिक समय तक ससुराल में नहीं रह सकी।
दोनों पक्षों की बातें सुनने के बाद पुलिस परिवार परामर्श केंद्र के सदस्यों ने उन्हें विस्तार से समझाया। काउंसलिंग के दौरान पति ने कहा कि यदि उसकी पत्नी समय पर घर का भोजन और अन्य घरेलू जिम्मेदारियां निभाएगी तो वह उसे अपने साथ रखने के लिए पूरी तरह तैयार है। साथ ही उसने यह भी कहा कि यदि ससुराल पक्ष का अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं होगा तो वह पत्नी की हर उचित बात मानने को तैयार है।
दोनों पक्षों की सहमति से समझौता पत्र (बंधपत्र) तैयार कराया गया, जिसके बाद पति-पत्नी खुशी-खुशी अपने घर लौट गए।
पुलिस परिवार परामर्श केंद्र में इस दिन कुल कई मामलों की सुनवाई हुई, जिनमें चार बिखरे हुए दंपतियों का आपसी समझौता कराकर उनका वैवाहिक जीवन फिर से जोड़ने का प्रयास सफल रहा। वहीं, कुछ मामलों में समझौता नहीं होने पर संबंधित पक्षों को थाना अथवा न्यायालय के माध्यम से विवाद का समाधान कराने की सलाह दी गई।
मामलों के निष्पादन और समझौते में केंद्र के सदस्य दिलीप कुमार दीपक, स्वाति वैश्ययंत्री, बबीता चौधरी, प्रमोद जायसवाल, रविंद्र शाह, जीनत रहमान और आंचल कुमारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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