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टेढ़ागाछ प्रखंड की चिल्हनियां पंचायत के वार्ड संख्या-1 और कुंवाड़ी गांव के बीच सड़क एवं पुल के अभाव में स्कूली छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों का जीवन मुश्किलों से घिर गया है। बरसात के मौसम में जलभराव के कारण यह मार्ग पूरी तरह जलमग्न हो जाता है, जिससे उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय, कुंवाड़ी जाने वाले बच्चों को प्रतिदिन कमरभर पानी पार कर विद्यालय पहुंचना पड़ता है। इससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में चिंता बनी हुई है।
ग्रामीणों के अनुसार बारिश के दिनों में इस रास्ते से आवागमन करना बेहद जोखिम भरा हो जाता है। छोटे-छोटे बच्चों को किताबें और स्कूल बैग सिर पर रखकर पानी पार करना पड़ता है। तेज बहाव और फिसलन के कारण हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है। कई छात्र-छात्राएं जान जोखिम में डालकर स्कूल पहुंचते हैं, जबकि कई बच्चे मजबूरी में स्कूल नहीं जा पाते, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि आजादी के दशकों बाद भी यह इलाका सड़क और पुल जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। ग्रामीणों ने कई बार पूर्व एवं वर्तमान विधायक, जिला परिषद सदस्य और संबंधित अधिकारियों से सड़क एवं पुल निर्माण की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। उनका आरोप है कि जनप्रतिनिधियों के आश्वासन केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं।
सरपंच कैलाश पोशाक ने कहा कि विकास के बड़े-बड़े दावों के बावजूद क्षेत्र की बदहाल स्थिति सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत को उजागर करती है। उन्होंने जिला पदाधिकारी से अविलंब स्थल निरीक्षण कर सड़क एवं पुल निर्माण की स्वीकृति देने की मांग की।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द निर्माण कार्य शुरू नहीं कराया गया तो पूरे बरसात के मौसम में बच्चों की शिक्षा और ग्रामीणों का आवागमन गंभीर रूप से प्रभावित रहेगा। लोगों ने प्रशासन से मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए इस समस्या का स्थायी समाधान करने की अपील की है।
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