पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के संसद परिसर में किए गए विरोध प्रदर्शन का विवाद अब कानूनी दायरे तक पहुंच गया है। सांसद के खिलाफ दिल्ली के जहांगीरपुरी थाना में धार्मिक भावनाएं आहत करने की शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि संसद परिसर के बाहर हुए प्रदर्शन के दौरान भगवा वस्त्र और भगवान रामलला की तस्वीर के साथ ऐसा व्यवहार किया गया, जिससे सनातन धर्म के अनुयायियों की भावनाएं आहत हुईं। शिकायतकर्ता सूर्या मैथिल ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन के दौरान भगवा का अपमान किया गया और भगवान रामलला की तस्वीर के साथ भी आपत्तिजनक व्यवहार हुआ। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि उस समय विपक्षी गठबंधन के कुछ अन्य सांसद भी वहां मौजूद थे।
शिकायतकर्ता ने इस मामले में डीसीपी नॉर्थ, डीसीपी नॉर्थ-वेस्ट, एसीपी जहांगीरपुरी और एसएचओ जहांगीरपुरी से शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर ली है और आगे की कानूनी प्रक्रिया संबंधित अधिकारियों के स्तर पर जारी है।
क्या था पूरा मामला?
शुक्रवार को सांसद पप्पू यादव ने संसद परिसर में साधु का वेश धारण कर अयोध्या में कथित चंदा चोरी के मुद्दे को लेकर एक प्रतीकात्मक नाट्य प्रदर्शन किया था। उन्होंने भगवा वस्त्र पहनकर प्रदर्शन किया और सरकार पर निशाना साधा। इस प्रदर्शन का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ।
हालांकि, इस प्रदर्शन के बाद विवाद भी खड़ा हो गया। सनातन संगठनों और कुछ लोगों ने इसे भगवा और धार्मिक प्रतीकों का अपमान बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई, जबकि पप्पू यादव के समर्थक इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ सांकेतिक विरोध प्रदर्शन बता रहे हैं।
जांच के बाद ही होगी आधिकारिक पुष्टि
फिलहाल यह स्पष्ट करना जरूरी है कि शिकायत में लगाए गए सभी आरोप शिकायतकर्ता के दावे हैं। पुलिस की ओर से अभी तक इन आरोपों की पुष्टि नहीं की गई है। मामले में जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तथ्यों की आधिकारिक स्थिति सामने आएगी।
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