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महानंदा के कटाव से मलहाना गांव पर मंडराया अस्तित्व का संकट, 20 घर नदी में समाए

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अमौर विधानसभा क्षेत्र के सिरसी पंचायत अंतर्गत मलहाना गांव के समीप महानंदा नदी का कटाव लगातार तेज होता जा रहा है। कटाव की चपेट में आकर अब तक करीब 20 परिवारों के घर नदी में समा चुके हैं, जबकि सैकड़ों अन्य घरों पर भी खतरा मंडरा रहा है। नदी का कटाव गांव के बेहद करीब पहुंच जाने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है और कई परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने लगे हैं।

कटाव से प्रभावित परिवारों में मोहम्मद शाहबुल, मोहम्मद बाबुल, मास्टर जमील, मोहम्मद ऐहसान, मोहम्मद शकील, जुलेखा खातून, अरसदी बेगम, अब्दुल कुद्दुश, मोहम्मद हातीम, मोहम्मद नूर आलम, मोहम्मद मिस्टर, मोहम्मद नजरुल, मोहम्मद मजरूल, नेहाल अख्तर, मोहम्मद अंसारूल, मोहम्मद इफ्तिखार, राबे बेगम, नूरी खातून, मोहम्मद नैयर, सबा आलम, मोहम्मद रूकसेद सहित कई अन्य परिवार शामिल हैं।

कटाव की सूचना मिलते ही पूर्व विधायक सबा जफर मौके पर पहुंचे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि कटाव के भय से ग्रामीणों की रातों की नींद उड़ गई है। अधिकांश लोगों की कृषि भूमि पहले ही महानंदा नदी में समा चुकी है और अब गांव के अस्तित्व पर संकट गहरा गया है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो इस वर्ष मलहाना गांव को बचाना मुश्किल हो सकता है।

पूर्व विधायक ने बताया कि विभागीय अधिकारियों ने कटाव निरोधक कार्य कराने का आश्वासन दिया था और कार्य शुरू भी हुआ, लेकिन इसमें काफी देर हो गई। इस बीच नदी का जलस्तर बढ़ने से स्थिति और गंभीर हो गई।

भाजपा पंचायत अध्यक्ष मोहम्मद कमरूज्जमां एवं पूर्व मुखिया शमशाद आलम ने कहा कि बाढ़ के मौसम में हर वर्ष कटाव होता है, लेकिन आज तक स्थायी कटाव निरोधक कार्य नहीं कराया गया। यदि समय पर स्थायी सुरक्षा कार्य कराया गया होता तो सैकड़ों एकड़ कृषि भूमि और हजारों परिवारों को इस संकट का सामना नहीं करना पड़ता।

सिरसी पंचायत के मुखिया हसनैन आलम ने आरोप लगाया कि हर वर्ष बरसात के दौरान विभाग केवल खानापूर्ति करता है, जिससे कटाव पर कोई प्रभावी रोक नहीं लग पाती। ग्रामीणों ने प्रशासन से अविलंब स्थायी कटाव निरोधक कार्य शुरू कराने और प्रभावित परिवारों को राहत एवं पुनर्वास उपलब्ध कराने की मांग की है।

इधर, अंचलाधिकारी गोपाल कुमार ने बताया कि स्थल निरीक्षण कर वस्तुस्थिति से विभाग एवं जिला पदाधिकारी को अवगत करा दिया गया है। प्रशासन आगे की कार्रवाई में जुटा हुआ है।

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