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पूर्णिया नगर निगम के वार्ड संख्या 42 में भूमिहीन परिवारों और वर्षों से बसे लोगों के आशियाने पर संकट गहराने का आरोप लगाया गया है। श्रीराम टोला बेलौरी के बासगीत पर्चाधारियों को अब तक जमीन पर कब्जा नहीं मिलने तथा आनंदनगर (मौजा-अब्दुल्लानगर) में बड़ी संख्या में परिवारों की जमाबंदी निरस्त किए जाने के विरोध में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री को आवेदन सौंपकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
वार्ड पार्षद उर्मिला देवी के लेटरपैड पर पार्षद प्रतिनिधि चंदन कुमार भगत की ओर से दिए गए आवेदन में कहा गया है कि श्रीराम टोला बेलौरी के करीब 100 भूमिहीन परिवारों को सरकार की ओर से बासगीत पर्चा तो जारी कर दिया गया, लेकिन आज तक उन्हें जमीन का वास्तविक कब्जा नहीं मिल सका। पर्चा हाथ में होने के बावजूद ये परिवार वर्षों से दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
आवेदन में आनंदनगर (मौजा-अब्दुल्लानगर, खाता संख्या-120) का मामला भी उठाया गया है। दावा किया गया है कि यहां करीब 1500 परिवार वर्षों से रह रहे हैं और उनके पास केवाला, लगान रसीद, दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) तथा बासगीत पर्चा जैसे वैध दस्तावेज मौजूद हैं। इसके बावजूद अंचल अधिकारी (सीओ) द्वारा बिना पूर्व सूचना या नोटिस दिए उनकी जमाबंदी निरस्त कर दी गई, जिससे लोगों में बेघर होने का भय व्याप्त है।
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि भू-माफिया और कुछ प्रभावशाली लोगों की कथित साठगांठ के कारण गरीब परिवारों को बेदखल करने की कोशिश की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन की इस कार्रवाई से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
पीड़ित परिवारों और स्थानीय प्रतिनिधियों ने राजस्व मंत्री से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराने, दोषियों पर कार्रवाई करने तथा बासगीत पर्चाधारियों को जमीन का कब्जा दिलाने और आनंदनगर के प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने की मांग की है।
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