कोढ़ा प्रखंड की उत्तरी सिमरिया, दक्षिण सिमरिया एवं विनोदपुर पंचायत में बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी 'हर घर नल का जल' योजना भुगतान विवाद के कारण संकट में पड़ गई है। पिछले 13 महीनों से मानदेय नहीं मिलने से नाराज पंप संचालकों ने अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया है। इसके चलते तीनों पंचायतों के हजारों परिवारों के सामने स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की चुनौती खड़ी हो सकती है।
पंप संचालकों का आरोप है कि लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (पीएचईडी) के तहत संचालित इस योजना में कार्यरत होने के बावजूद उन्हें पिछले 13 महीनों से मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि बकाया राशि के भुगतान को लेकर कई बार संबंधित संवेदक एवं विभागीय अधिकारियों से गुहार लगाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
संचालकों ने स्पष्ट किया है कि जब तक 13 माह का बकाया मानदेय नहीं मिल जाता, तब तक जलमीनारों का संचालन बंद रहेगा। उनका कहना है कि अधिकांश कर्मचारियों का परिवार इसी आय पर निर्भर है और लगातार भुगतान नहीं मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति गंभीर हो गई है।
वहीं, ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो नल-जल योजना पूरी तरह प्रभावित हो जाएगी और लोगों को पेयजल के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन एवं पीएचईडी से तत्काल हस्तक्षेप कर बकाया भुगतान सुनिश्चित कराने और जलापूर्ति व्यवस्था बहाल रखने की मांग की है।
पंप संचालकों ने चेतावनी दी है कि बकाया भुगतान होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इससे सरकार की महत्वाकांक्षी पेयजल योजना की व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।
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