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कटिहार में सिपाही भर्ती के नाम पर 10 लाख की 'सेटिंग' का खेल! पूर्णिया के दो युवक गिरफ्तार

बिहार में चल रही मद्यनिषेध पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के बीच कटिहार पुलिस ने एक बड़े फर्जी भर्ती गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह पुलिस भर्ती में "सेटिंग" कर अंतिम चयन कराने का झांसा देकर अभ्यर्थियों से प्रति उम्मीदवार 10 लाख रुपये वसूलने की तैयारी में था। कटिहार पुलिस ने वाहन जांच के दौरान गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से मैट्रिक और इंटर के मूल प्रमाणपत्र, कई अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड, विभिन्न बैंकों के हस्ताक्षरित ब्लैंक चेक, स्टाम्प पेपर, छह जिंदा कारतूस, दो मोबाइल फोन और एक ग्लैमर मोटरसाइकिल बरामद की गई है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अब तक की जांच में बिहार मद्यनिषेध सिपाही भर्ती परीक्षा में किसी प्रकार की गड़बड़ी या सेटिंग का कोई प्रमाण नहीं मिला है।
कटिहार पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार के निर्देश पर जिले में चलाए जा रहे विशेष समकालीन अभियान के तहत 18 जुलाई की रात करीब 1:10 बजे कुरसेला थाना अध्यक्ष राकेश कुमार, प्रभारी पुलिस अवर निरीक्षक प्रीति कुमारी और पुलिस बल बल्थी महेशपुर क्षेत्र में वाहन जांच कर रहे थे। इसी दौरान एक ग्लैमर मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक पुलिस को देखकर काफी दूर से ही बाइक मोड़कर भागने लगे। उनकी हरकत संदिग्ध लगने पर पुलिस ने पीछा कर दोनों को पकड़ लिया।
गिरफ्तार युवकों की पहचान सोनू कुमार (26 वर्ष), पिता महेंद्र सिंह, निवासी सपहा, थाना टिक्कापट्टी, जिला पूर्णिया तथा साहिल कुमार (22 वर्ष), पिता भूमेश्वर साह, निवासी पुरानी नंदगोला, थाना टिक्कापट्टी, जिला पूर्णिया के रूप में हुई है।
दोनों की तलाशी लेने पर पुलिस के हाथ कई चौंकाने वाले दस्तावेज और सामान लगे। बरामदगी में मैट्रिक और इंटर के कई मूल प्रमाणपत्र, विभिन्न बैंकों के हस्ताक्षरित ब्लैंक चेक, ₹500 मूल्य के कई हस्ताक्षरित स्टाम्प पेपर, मद्यनिषेध पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा के कई अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड, छह जिंदा कारतूस, दो मोबाइल फोन और एक ग्लैमर मोटरसाइकिल शामिल हैं।

पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे अपने अन्य सहयोगियों सुजीत (पटना निवासी), मिथुन कुमार और संजय कुमार (दोनों निवासी सपहा, थाना टिक्कापट्टी, पूर्णिया) के साथ मिलकर सिपाही भर्ती में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी सेटिंग का गिरोह चला रहे थे। आरोपियों ने बताया कि वे अभ्यर्थियों को भरोसा दिलाते थे कि उनकी "ऊपर तक पहुंच" है और अंतिम चयन सुनिश्चित करा दिया जाएगा। इसके बदले चयन होने पर प्रति अभ्यर्थी 10 लाख रुपये लेने की बात तय की जाती थी।
पूछताछ के बाद पुलिस ने साहिल कुमार की निशानदेही पर उसके घर में छापेमारी की, जहां से सिपाही भर्ती परीक्षा के कई अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड भी बरामद किए गए। इस मामले में कुरसेला थाना कांड संख्या-285/26 दर्ज कर लिया गया है। गिरोह के फरार सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

मामले को लेकर कटिहार पुलिस अधीक्षक परिचय कुमार ने कहा कि अब तक की जांच में बिहार मद्यनिषेध पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा में किसी प्रकार की गड़बड़ी या पेपर लीक का कोई सबूत नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि आरोपी अभ्यर्थियों को केवल 30 प्रतिशत प्रश्नों के उत्तर लिखने और बाकी उत्तर पुस्तिका खाली छोड़ने की सलाह देते थे। इसके बाद वे क्या करते थे और किस तरीके से चयन कराने का दावा करते थे, इसकी गहन जांच की जा रही है।

एसपी ने यह भी कहा कि अब तक ऐसा कोई अभ्यर्थी सामने नहीं आया है जिसने पैसे ठगे जाने की शिकायत दर्ज कराई हो। हालांकि पूछताछ में आरोपियों ने कई अन्य लोगों के नाम बताए हैं, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी की जाएगी।

बरामद छह जिंदा कारतूस को लेकर भी पुलिस अलग से जांच कर रही है। एसपी के अनुसार प्रारंभिक जांच में आशंका है कि कारतूस किसी अन्य अपराधी से जुड़े हो सकते हैं। पुलिस इस एंगल पर भी अनुसंधान कर रही है।

फिलहाल कटिहार पुलिस इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। जांच का मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि यह गिरोह केवल अभ्यर्थियों से ठगी करने का काम करता था या इसके पीछे कोई बड़ा संगठित नेटवर्क सक्रिय था। वहीं पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि किसी भी सरकारी नौकरी में सेटिंग या चयन की गारंटी देने वाले दलालों और ठगों के झांसे में न आएं तथा ऐसी किसी भी जानकारी की तुरंत पुलिस को सूचना दें।

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