Top News

3936 करोड़ का मेगा हाईवे प्रोजेक्ट: सीमांचल की बदलेगी तकदीर, खगड़िया-पूर्णिया फोरलेन को हरी झंडी


बिहार में आधारभूत संरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय कैबिनेट ने खगड़िया से पूर्णिया तक एनएच-31 और एनएच-231 के 143.52 किलोमीटर लंबे खंड को फोरलेन में अपग्रेड करने की मंजूरी दे दी है। करीब 3936 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह परियोजना न केवल सीमांचल बल्कि पूरे पूर्वी बिहार की आर्थिक तस्वीर बदलने वाली साबित हो सकती है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस परियोजना की घोषणा करते हुए कहा कि पिछले कुछ वर्षों में सीमांचल क्षेत्र में सबसे अधिक सड़क निर्माण कार्य हुए हैं और केंद्र सरकार इस इलाके को बेहतर कनेक्टिविटी के जरिए विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए लगातार काम कर रही है।

*सीमांचल को मिलेगा विकास का नया इंजन*

अब तक खगड़िया और पूर्णिया के बीच की दूरी तय करने में यात्रियों को लगभग साढ़े तीन घंटे लगते हैं। फोरलेन निर्माण के बाद यही सफर करीब दो घंटे में पूरा हो सकेगा। सड़क चौड़ी होने से वाहनों की रफ्तार बढ़ेगी, ट्रैफिक जाम कम होगा और परिवहन लागत में भी भारी कमी आएगी।
परियोजना के तहत पूर्णिया शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए 6.72 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड बाइपास भी बनाया जाएगा। इसके अलावा नौगछिया जीरोमाइल और कुरसेला जैसे जाम प्रभावित क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी।

*मक्का किसानों को मिलेगा सीधा फायदा*

सीमांचल क्षेत्र देश के प्रमुख मक्का उत्पादक इलाकों में शामिल है। पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज जिलों में बड़े पैमाने पर मक्का की खेती होती है। हर साल लाखों टन मक्का बिहार से दूसरे राज्यों और उद्योगों तक पहुंचाई जाती है। फोरलेन सड़क बनने के बाद किसानों की उपज को बाजार तक पहुंचाने में लगने वाला समय और परिवहन खर्च दोनों कम होंगे। इससे किसानों को बेहतर कीमत मिलने की संभावना बढ़ेगी। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर सड़क नेटवर्क से एग्री-बिजनेस, फूड प्रोसेसिंग और भंडारण उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा, जिसका सीधा लाभ मक्का उत्पादक किसानों को मिलेगा।

*उद्योगों और निवेश के लिए बनेगा लाइफलाइन*
यह हाईवे पूर्णिया में विकसित हो रहे नए टाउनशिप, टेक्सटाइल क्लस्टर, दो मेगा फूड पार्क और दो फिशिंग-सीफूड पार्क को आपस में जोड़ेगा। बेहतर सड़क संपर्क मिलने से उद्योगों को कच्चे माल और तैयार उत्पादों की ढुलाई में आसानी होगी। इसके अलावा यह परियोजना चार प्रमुख रेलवे स्टेशनों और पूर्णिया एयरपोर्ट को भी सीधे जोड़ने का काम करेगी। एनएच-31, एनएच-27, एनएच-107 समेत कई राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों से कनेक्टिविटी मिलने के कारण यह पूरा क्षेत्र एक बड़े लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित हो सकता है।

*ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे से भी होगा सीधा जुड़ाव*

खगड़िया-पूर्णिया फोरलेन का अंतिम छोर पूर्णिया के बरसोनी टोल प्लाजा के समीप होगा। यहीं पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे भी समाप्त होगा। इसका मतलब है कि दोनों बड़ी परियोजनाएं आपस में जुड़ जाएंगी और सीमांचल से राजधानी पटना तक हाई-स्पीड कनेक्टिविटी का रास्ता तैयार होगा। इससे बेगूसराय, खगड़िया और आसपास के जिलों के लोगों को भी भविष्य में पूर्णिया एयरपोर्ट तक तेज और सुविधाजनक पहुंच मिलेगी।

*सीमांचल बनेगा पूर्वी भारत का ग्रोथ कॉरिडोर*

विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना केवल एक सड़क निर्माण योजना नहीं बल्कि सीमांचल और पूर्वी बिहार के लिए आर्थिक क्रांति का आधार बन सकती है। बेहतर सड़कें, तेज परिवहन, कम लॉजिस्टिक लागत, कृषि और उद्योगों को नई गति तथा रोजगार के नए अवसर इस क्षेत्र को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं।

एक समय पिछड़ेपन और खराब कनेक्टिविटी के लिए पहचाने जाने वाला सीमांचल अब तेजी से राष्ट्रीय सड़क नेटवर्क के केंद्र में आता दिख रहा है। खगड़िया-पूर्णिया फोरलेन परियोजना इसी बदलते बिहार की नई तस्वीर पेश कर रही है।

Post a Comment

Previous Post Next Post