कटिहार जिले के कुरसेला थाना क्षेत्र में एनएच-31 स्थित पुलिस पिकेट पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक टेंपू से 10 अवैध कमर्शियल गैस सिलेंडर बरामद किए हैं। जब्त सिलेंडरों में इंडियन, भारत और एचपी कंपनी के सिलेंडर शामिल हैं, जबकि सभी पर भारत गैस का सील और स्टीकर लगा हुआ पाया गया। इस खुलासे के बाद अवैध गैस कारोबार और रिफिलिंग नेटवर्क को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने समेली की ओर से आ रहे टेंपू को रोककर चालक समेत दो लोगों को हिरासत में लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बरारी निवासी मनोज कुमार साह और भागलपुर के रानीतालाब निवासी कन्हैया कुमार के रूप में हुई है। पूछताछ में दोनों कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि सिलेंडरों का उठाव कुरसेला स्थित भारत गैस एजेंसी से किया गया था। वहीं एजेंसी संचालक मुकेश चौधरी का दावा है कि सिलेंडरों की रसीद सुंदरम रेस्टोरेंट, नवगछिया के नाम पर काटी गई थी, लेकिन उनकी डिलीवरी अभी नहीं हुई थी। दूसरी ओर हिरासत में लिए गए व्यक्ति ने कहा कि वह सिलेंडर नवगछिया के एक होटल में पहुंचाने जा रहा था। बयानों में विरोधाभास सामने आने से मामला और अधिक संदिग्ध हो गया है।
जांच के दौरान यह भी सवाल उठ रहे हैं कि इंडियन और एचपी के सिलेंडरों पर भारत गैस का सील और स्टीकर कैसे लगाया गया, बिना वैध दस्तावेज के 10 कमर्शियल सिलेंडर किसके निर्देश पर भेजे जा रहे थे, और यदि डिलीवरी नहीं हुई थी तो सिलेंडर आरोपियों के कब्जे में कैसे पहुंचे। स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी है कि पुलिस कार्रवाई के बाद रसीद काटे जाने की कोशिश की गई।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मामला केवल अवैध परिवहन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार बड़े गैस सिंडिकेट और अवैध रिफिलिंग नेटवर्क से भी जुड़े हो सकते हैं। उनका मानना है कि निष्पक्ष जांच होने पर कई अहम खुलासे सामने आ सकते हैं।
खाद आपूर्ति पदाधिकारी किंचित कुमार ने बताया कि मामले में 10 कमर्शियल गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं और भारत गैस एजेंसी संचालक मुकेश चौधरी समेत संबंधित लोगों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। वहीं थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि खाद आपूर्ति पदाधिकारी के आवेदन पर एजेंसी संचालक सहित दो अन्य लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है तथा पूरे मामले की जांच जारी है।
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