Top News

पति ने कर्ज नहीं चुकाया तो बीबी को उठा लिया! फोन कर कहा-पैसा दो, पत्नी ले जाओ



कर्ज लेना और उसे समय पर नहीं चुका पाना एक आर्थिक समस्या हो सकती है, लेकिन पति द्वारा कर्ज न चुकाने पर पत्नी को जबरन उठा लेना उसका समाधान है? बिहार के पूर्णियां जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने कर्ज वसूली के तौर-तरीकों और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि एक व्यक्ति ने अपने पैसे वापस पाने के लिए अदालत, पुलिस या कानूनी प्रक्रिया का सहारा लेने के बजाय सीधे अपने दोस्त की पत्नी को ही उठा लिया। इतना ही नहीं, महिला को अपने पास रखने के बाद उसके पति को फोन कर कथित तौर पर कहा गया— "मेरा पैसा वापस करो और अपनी पत्नी को ले जाओ।"
यह सनसनीखेज मामला मधुबनी थाना क्षेत्र के रिफ्यूजी कॉलोनी वार्ड संख्या-1 का है, जहां एक महिला की मां ने पूर्णियां एसपी को लिखित आवेदन देकर बेटी की बरामदगी और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

ग्रुप लोन से शुरू हुई कहानी, पत्नी बनी कर्ज की कीमत!

पीड़िता की मां मीनू वर्मन के अनुसार, उनकी बेटी रेखा बर्मन ने अपने पति हराधन कुड़ी के कहने पर ग्रुप लोन लिया था। आर्थिक तंगी के कारण लोन की किश्तें चुकाने में परेशानी होने लगी तो पति के दोस्त और हरदा बंगाली टोला निवासी निर्मल दास से कई बार छोटी-छोटी रकम उधार ली गई।

धीरे-धीरे ग्रुप लोन तो पूरा चुकता हो गया, लेकिन निर्मल दास का कर्ज बाकी रह गया। आरोप है कि पिछले एक साल से वह अपने पैसे वापस मांग रहा था और बीते तीन महीनों से लगातार घर पहुंचकर दबाव बना रहा था। इसी दौरान रेखा बर्मन ने पैसे लौटाने की गारंटी भी दी थी। परिजनों का आरोप है कि शनिवार की शाम रेखा बर्मन किसी काम से बाजार गई थी। इसी दौरान रास्ते में निर्मल दास मिला और बकाया रकम की मांग करने लगा। आरोप है कि उसने दबाव बनाकर महिला को अपनी बाइक पर बैठाया और अपने घर ले गया।

इसके बाद जो हुआ उसने पूरे परिवार को हिलाकर रख दिया। आरोप है कि आरोपी ने महिला के पति हराधन कुड़ी को फोन कर कहा कि उसकी पत्नी उसके पास है, पहले कर्ज का पैसा लौटाओ, फिर पत्नी को ले जाओ। परिजनों के मुताबिक महिला ने भी आरोपी के मोबाइल से अपने बच्चों को फोन कर कहा कि वे अपने पिता से जल्द पैसे का इंतजाम करने को कहें।

दोस्ती का ऐसा अंजाम, जिसने सबको चौंका दिया

बताया जाता है कि हराधन कुड़ी स्कूल बस चालक हैं जबकि निर्मल दास सेंट्रिंग का ठेकेदार है। दोनों के बीच वर्षों पुरानी दोस्ती थी और एक-दूसरे के घर आना-जाना भी था। लेकिन पैसों के लेन-देन का विवाद इस स्तर तक पहुंच जाएगा, इसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।
बेटी के कथित अपहरण की जानकारी मिलते ही मीनू वर्मन ने मधुबनी थाना को सूचना दी और बाद में पूर्णियां एसपी को लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई। परिवार का आरोप है कि कर्ज वसूली के नाम पर उनकी बेटी को जबरन अपने साथ ले जाया गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। हालांकि जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि मामला अपहरण, बंधक बनाने या किसी अन्य परिस्थिति से जुड़ा है। लेकिन आरोपों ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।

सबसे बड़ा सवाल

कर्ज की रकम वसूलने के लिए क्या किसी की पत्नी को उठा लेना जायज है? अगर आरोप सही हैं तो यह सिर्फ पैसों का विवाद नहीं, बल्कि कानून और इंसानियत दोनों को चुनौती देने वाला मामला है। अब निगाहें पुलिस कार्रवाई पर टिकी हैं कि इस कथित 'कर्ज के बदले पत्नी' कांड में दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।

Post a Comment

Previous Post Next Post