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बेरोजगार डिग्रीधारी अभ्यर्थी पर लाठी चलना अमानवीय

समाजवादी नेता और पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर आलोक कुमार ने टीआरई 4 अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज और दमनकारी कार्रवाई की कड़ी निंदा की है। उन्होंने पूर्णिया विश्वविद्यालय संबद्ध डिग्री कॉलेज शिक्षक संघ के नेता के तौर पर यह बयान जारी किया।प्रोफेसर आलोक ने कहा कि हजारों बेरोजगार डिग्रीधारी अभ्यर्थी लंबे समय से आंदोलनरत हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य की एनडीए सरकार ने वोट के लिए राज्य का खजाना खाली कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप स्कूलों और कॉलेजों में भर्तियां बंद हैं।उन्होंने वित्त रहित शिक्षकों की स्थिति पर भी चिंता व्यक्त की। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद, राज्य के वित्त रहित शिक्षकों को वेतनमान और अन्य सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं। हजारों शिक्षक सेवानिवृत्त होने के बाद भुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं।राज्य सरकार ने प्रखंड स्तर पर डिग्री कॉलेज खोलने का निर्णय लिया है, जिसके लिए राज्य के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की गई है। इससे सरकारी कॉलेजों के ज्यादातर विभागों में पठन-पाठन ठप पड़ गया है।प्रोफेसर आलोक के अनुसार, उच्च शिक्षा के साथ-साथ प्राथमिक शिक्षा भी सरकार के एजेंडे से गायब है। वर्ष 2018 से वित्त रहित डिग्री कॉलेजों में अनुदान की राशि भी जारी नहीं की गई है।उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान राज्य सरकार के मुखिया और एनडीए के नेता सांप्रदायिक एवं जातीय भेदभाव पैदा कर केवल वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं। प्रोफेसर आलोक ने राज्य सरकार से टीआरई 4 की भर्ती प्रक्रिया तुरंत शुरू करने और वित्त रहित शिक्षण संस्थानों को सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश का अनुपालन करने की मांग की है।

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